Rohit Sharma: I try to play according to the field
रोहित ने बतौर कप्तान पहली वनडे और टी20 दोनों सीरीज जीती हैं © AFP

श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 में रोहित शर्मा ने धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए डेविड मिलर के सबसे तेज टी20 अंतर्राष्ट्रीय शतक की बराबरी कर ली है। टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा की बड़ी पारियों का राज सिर्फ ताकत ही नहीं बल्कि सटीक टाइमिंग भी है। रोहित का कहना है कि वो मैदान और फील्ड सेटिंग देखकर उस हिसाब से खेलने की कोशिश करते हैं और यही उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का राज है। मैच के बाद रोहित ने कहा, ‘‘मेरे पास इतनी ताकत नहीं है। मैं टाइमिंग पर भरोसा करता हूं। मेरा मानना है कि यह मेरी ताकत भी है और कमजोरी भी। मैं मैदान को देखकर उसके अनुरूप खेलता हूं।’’

कैसे लगाते हैं बड़े शॉट

वनडे में तीन दोहरे शतक लगाने वाले रोहित हमेशा कहते हैं कि वो क्रिस गेल, एबी डी विलियर्स या महेंद्र सिंह धोनी जैसे पावर हिटर नहीं हैं लेकिन फिर भी रोहित मैदान पर काफी लंबे शॉट लगाते हैं। अपनी तकनीकि के बारे में बात करते हुए रोहित ने कहा, ‘‘छह ओवरों के बाद फील्ड बिखर जाती है। मैं देखता हूं कि चौके कहां लग सकते हैं। मैदान के अनुरूप खेलना जरूरी है। मैं मैदान के चारों ओर मारना चाहता हूं। विरोधी टीम की लगाई गई फील्डिंग में गैप ढूंढना जरूरी है। मैं सभी फॉर्मेट में यही करने की कोशिश करता हूं। आप सिर्फ एक जगह पर नहीं मार सकते। इससे आपकी बल्लेबाजी को समझना गेंदबाज के लिए आसान हो जायेगा। मैदान के चारों ओर रन बनाना जरूरी है और यही मेरी ताकत है ।’’

रोहित इंदौर टी20 में जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे थे उसे देखकर लग रहा था कि वो टी20 क्रिकेट में भी दोहरा शतक बना सकते हैं। वैसे रोहित ने कहा कि वह इस बारे में नहीं सोच रहें हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिर्फ रन बनाने के बारे में सोच रहा हूं। कोई लक्ष्य लेकर नहीं खेलता हूं। मैं किसी रिकार्ड तक पहुंचने के लिए रन नहीं बनाता हूं।’’