Rohit Sharma on No ball controversy: We work really hard to win, these mistakes are not acceptable
रोहित शर्मा © AFP

गुरुवार शाम एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेले गए मैच में लसिथ मलिंगा की नो बॉल को लेकर विवाद खड़ा हो गया। दरअसल मैच की आखिरी गेंद पर, जब आरसीबी को जीत के लिए सात रन चाहिए थे, मलिंगा का पैर लाइन से बाहर था। हालांकि फील्ड अंपायर एस रवि का ध्यान इस पर नहीं गया और उन्होंने नो बॉल का इशारा नहीं किया। नतीजा ये रहा कि बैंगलोर 6 रन के करीबी अंतर से मैच हार गया।

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मैच के बाद आरसीबी के कप्तान विराट कोहली इस मुद्दे पर अपना नाराजगी खुलकर जाहिर की। वहीं विजेता टीम मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा भी इस फैसले से खुश नहीं है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी मैच जीतने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, ऐसे में अंपायर्स से इस तरह की गलतियां स्वीकार नहीं की जा सकती है।

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित ने कहा, “जैसे ही हम मैदान से बाहर निकले, मुझे तब ही इसके बारे में पता चलता। किसी ने मुझसे कहा कि वो नो बॉल थी। इस तरह की गलतियां क्रिकेट के लिए अच्छी नहीं है, ये सीधी बात है। उससे पहले के ओवर में बुमराह ने एक गेंद कराई थी जो कि वाइड नहीं थी। ये चीजें खेल पलटने वाली होती हैं। ऊपर एक टीवी लगा है, उन्हें देखना होगा कि क्या हो रहा है। खिलाड़ी इसमें ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। हम केवल मैदान से बाहर जा सकते हैं और हाथ मिला सकते हैं क्योंकि ये आखिरी गेंद थी। ये देखना निराशाजनक रहा। मैं उम्मीद करता हूं कि वो अपनी गलती सुधारें, जिस तरह हम सुधारते हैं।”

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मुंबई इंडियंस के कप्तान से जब इस तरह की गलतियों को ठीक करने के तरीके के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि ये उनका काम नहीं है। रोहित ने कहा, “मुझे इसका हल नहीं पता। बोर्ड को कोई हल ढूंढना होगा। मैं इसके लिए अधिकृत नहीं हूं। आखिरकार ये खेल के लिए अच्छा नहीं है और जो भी खेल के लिए अच्छा नहीं है, मैं उसका समर्थन नहीं करूंगा। इस तरह के फैसले आपको मैच हरा सकते हैं और वो मैच आपको टूर्नामेंट हरा सकते हैं। हम जीतने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और इस तरह की गलतियां स्वीकार नहीं की जा सकती हैं।”