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'सलामी बल्लेबाज के तौर पर रोहित शर्मा की सफलता बड़े लक्ष्य का पीछा करने में करेगी मदद'

रोहित शर्मा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में बतौर सलामी बल्लेबाज खेलेंगे।

user-circle cricketcountry.com Written by Press Trust of India
Last Published on - September 14, 2019 2:13 PM IST

भारतीय टीम के पूर्व सहायक कोच संजय बांगड़ ने कहा कि रोहित शर्मा को टेस्ट में सलामी बल्लेबाज के तौर पर ‘‘अपने अंदाज में खेलना जारी’’ रखना चाहिए और लंबे फॉर्मेट में उनकी सफलता भारत को बड़े लक्ष्यों का पीछा करने में मदद कर सकती है।

सीमित ओवरों के क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज के तौर पर सफल रोहित को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो अक्टूबर से शुरू हो रही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए चुनी गई 15 सदस्यीय टीम में मौका दिया गया है।

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वनडे में तीन दोहरे शतक और टी20 अंतरराष्ट्रीय में चार शतक लगाने वाले रोहित को टीम में केएल राहुल की जगह चुना गया है। राहुल को वेस्टइंडीज दौरे पर खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर कर दिया गया।

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बांगड़ ने ईएसपीनक्रिकइंफो को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘अगर वो सफल हुए तो उनके खेलने के तरीके से टीम को काफी फायदा होगा। इससे भारतीय टीम सफलता पूर्वक लक्ष्य का पीछा कर सकती है जिसे करने में हम पहले असफल रहते थे जैसा कि केपटाउन और एजबेस्टन टेस्ट में हुआ था।’’

बत्तीस साल के रोहित ने 27 टेस्ट में 39.62 की औसत से 1585 रन बनाये हैं जिसमें तीन शतक और 10 अर्धशतक शामिल है।

टेस्ट में हालांकि रोहित को मध्यक्रम के बल्लेबाज के तौर पर देखा जा रहा था लेकिन छठे नंबर पर हनुमा विहारी ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी जगह पक्की कर ली जिससे रोहित को टेस्ट में सलामी बल्लेबाजी के तौर पर टीम में जगह बनानी होगी।

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बांगड़ ने कहा, ‘‘रोहित अगर अपने अंदाज में खेलना जारी रखेंगे तो वह सफल हो सकते हैं। उन्हें अपना तरीका बरकरार रखना होगा। इस समय टीम के मध्यक्रम में कोई जगह नहीं है। पारी शुरू करना उसके लिए नई चुनौती होगी क्योंकि लंबे फॉर्मेट के खेल में उन्होंने ऐसा बहुत कम किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें हालांकि इसका फायदा भी मिलेगा क्योंकि वो नई गेंद के सामने बल्लेबाजी करेंगे और मैदान में काफी गैप मौजूद होगा। उन्हें ड्रेसिंग रूम में अपनी बारी का इंतजार नहीं करना होगा जो उनकी मानसिक ऊर्जा को बचाएगा।’’

टीम के साथ बांगड़ का पांच साल का कार्यकाल पिछले महीने खत्म हुआ था जब उनकी जगह विक्रम राठौर को भारत का बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया।