RP Singh says MS Dhoni fought with selectors for playing him in team over Irfan Pathan

पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह (RP Singh) ने महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) द्वारा उनपर जताए गए भरोसे को याद किया. सिंह ने बताया कि साल 2008 में धोनी उन्‍हें टीम में जगह दिलाने के लिए चयनकर्ताओं से भिड़ गए थे. वो जिस खिलाड़ी पर भरोसा जताते हैं उसका समर्थन भी करते हैं.

आरपी सिंह (RP Singh) ने भारत के लिए 14 टेस्‍ट, 58 वनडे और 10 टी20 मैचों में हिस्‍सा लिया. स्‍पोर्ट्स तक से बातचीत के दौरान आरपी सिंह ने बताया, “धोनी खिलाड़ियों के टीम में चयन को लेकर पक्षपात नहीं करते हैं. उस वक्‍त चयनकर्ताओं द्वारा इरफान पठान (Irfan pathan) को उनके स्‍थान पर स्‍क्‍वाड में जगह देने का निर्णय हुआ था. धोनी ने मुझे जगह दिलाने के लिए चयनकर्ताओं से काफी बहस भी की.”

‘BCCI ने अगर भारत का ऑस्‍ट्रेलिया दौरा करवाया तो मेरी नजर में बढ़ जाएगा सम्‍मान’

बता दें कि उक्‍त मीटिंग के कुछ अंश मीडिया में बाहर आ गए थे. जिसमें मनमुताबिक टीम नहीं दिए जाने पर धोनी ने कप्‍तानी छोड़ने तक की पेशकश कर डाली थी.

आरपी सिंह (RP Singh) ने कहा, “उस वक्‍त भारत में हुई इंग्‍लैंड के खिलाफ सीरीज मे मैंने विकेट नहीं निकाले थे. इंदौर के मैच में मुझे एक भी विकेट नहीं मिला. धोनी और मैंने इसपर चर्चा की थी कि कहां मैं खुद को सुधार सकता हूं. मैं जानता हूं कि धोनी से दोस्‍ती एक अलग मुद्दा है और देश का नेतृत्‍व करना एक अलग मुद्दा है. मुझे लगता है कि धोनी ने उस वक्‍त उस खिलाड़ी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जो उनकी नजर में आगे बेहतर कर सकता है.”

खिलाड़ियों के तमाम सवालों के बीच भी टी20 विश्‍व कप कराने पर अड़ा ICC, कही ये बात

आरपी सिंह (RP Singh) ने आगे कहा, “महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) किसी के साथ भेदभाव नहीं करते हैं. यही एक खासियत धोनी को धोनी बनाती है. मैं देश के लिए उतना क्रिकेट नहीं खेल पाया जितना मुझे खेलना चाहिए था. शायद मेरी स्‍पीड या स्विंग की धार कम होना इसकी वजह हो सकती है. अगर मैंने खुद में सुधार किया होता तो शायद लंबे समय तक भारत के लिए क्रिकेट खेला होता.”