IPL 2026, GT vs CSK; शर्मनाक हार के बाद गायकवाड़ ने माना, हर डिपार्टमेंट में किया पस्त, टाइटंस को दिया क्रेडिट
रुतुराज गायकवाड़ ने बताया कि आखिर गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में उनकी टीम की क्या गलती रही. इस मैच में हार के बाद चेन्नई की टीम की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं.
Published On May 22, 2026, 10:47 AM IST
Last UpdatedMay 22, 2026, 10:47 AM IST
रुतुराज गायकवाड़ ने हार के बाद क्या कहा
अहमदाबाद: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स का सफर हार के साथ खत्म हुआ. गुरुवार, 21 मई को लीग के अपने आखिरी मैच में उसे गुजरात टाइटंस के हाथों हार का सामना करना पड़ा. चेन्नई को 89 रन से हार मिली. और यह आईपीएल के इतिहास में चेन्नई की सबसे बड़ी हार है. मैच के बाद टीम के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने माना कि इस मैच में तीनों की डिपार्टमेंट में गुजरात टाइटंस की टीम ने उन्हें चारों खाने चित कर दिया.
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम पर टॉस जीतकर चेन्नई ने गेंदबाजी का फैसला किया. गुजरात टाइटंस के लिए कप्तान शुभमन गिल के अलावा साई सुदर्शन और जोस बटलर ने हाफ-सेंचुरी लगाईं. गुजरात टाइटंस ने चार विकेट पर 229 रन बनाए. और इसके जवाब में चेन्नई की पूरी टीम 13.4 ओवर में 140 रन पर सिमट गई. मैच के बाद गायकवाड़ ने कहा, ‘हां, यह भी ध्यान में रखते हुए कि हम जितना हो सके उतना जल्दी टोटल चेज करना चाहते थे. जाहिर है कि जब आप 20 ओवर में 230 रनों का पीछा करते हैं, तो गुजरात टाइटंस के गेंदबाजी अटैक को देखते हुए यह आसान नहीं होता है. जीटी ने शानदार प्रदर्शन किया और उन्हें श्रेय मिलना चाहिए. उन्होंने खेल के तीनों ही विभाग में हमें हराया.’
रुतुराज ने माना कि गेंदबाजी में गलतियां हुईं, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा. उन्होंने कहा, ‘जाहिर है कि उन्होंने अच्छी शुरुआत की. हमने गेंदबाजी में कुछ गलतियां कीं. हम पावरप्ले में उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए, खासकर उन दोनों (गिल और सुदर्शन) के खिलाफ. एक बार जब उनके सलामी बल्लेबाज क्रीज पर सेट हो जाते हैं, तो उन्हें रोकना काफी मुश्किल हो जाता है. बीच में ऐसे फेज आए, जिनका फायदा उठाकर हम उन्हें 200 तक रोक सकते थे. हालांकि, हम ऐसा करने में विफल रहे.’
सीएसके के इस सीजन के बारे में बात करते हुए कप्तान ने कहा, “सीजन की शुरुआत मुश्किल रही, खासकर हार की हैट्रिक. इसके बाद जब हमें वह मोमेंटम मिला, तो जाहिर है कि हमें सही जगह पर खेलने वाले खिलाड़ी मिले, सही कॉम्बिनेशन मिला, सब कुछ ठीक चलने लगा. और फिर कुछ अहम खिलाड़ी चोटिल हो गए. खासतौर पर जेमी ओवरटन और रामकृष्ण घोष जैसे ऑलराउंडर के न होने से हमारी प्लेइंग 12 थोड़ी अस्थिर हो गई. हमने जो पिछले 3 मैच खेले, उसमें या तो एक बल्लेबाज कम रहा या फिर गेंदबाज.”
ऋतुराज ने आगे कहा, ‘बहुत से लोग इस बात पर यकीन नहीं करते कि हम एक युवा टीम हैं; हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं, और हमारे पास बहुत मुश्किल मुकाबलों के लिए अनुभवी खिलाड़ी भी नहीं हैं. हमारी टीम में 8 से 10 खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने 20 से कम मैच खेले हैं. उन सभी के लिए इस साल सीखने का मौका था. हमें पता चला कि हमको किन चीजों पर अभी काम करने की जरूरत है. हालांकि, इसके बावजूद हमने छह शानदार जीत दर्ज कीं. मुझे अपनी टीम पर गर्व है.’