हाल ही क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) ने क्विंटन डिकॉक (Quinton De Kock) को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी है. डिकॉक सीमित ओवरों में भी टीम की कप्तानी संभाल रहे हैं और वह लंबे समय तक तीनों फॉर्मेट की कप्तानी का बोझ संभालना नहीं चाहते. उन्होंने बताया कि वह थोड़े ही समय के लिए टेस्ट टीम की कप्तानी संभालने के लिए राजी हुए हैं. जब तक सिलेक्टर्स इस जिम्मेदारी के लिए सही खिलाड़ी ढूंढ लेंगे.

क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने इस विकेटकीपर बल्लेबाज को इस महीने के शुरू में टेस्ट टीम का कप्तान बनाया था. इससे 8 महीने पहले सीएसए के क्रिकेट निदेशक ग्रीम स्मिथ (Graeme Smith) ने डिकॉक को टेस्ट कप्तानी की दौड़ से बाहर बताया था.

डिकॉक ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘जब उन्होंने (सिलेक्टर्स ने) मुझे मौजूदा स्थिति के बारे में बताया तो मैं समझ गया कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं. मैंने इस जिम्मेदारी को तुरंत स्वीकार नहीं किया. मैंने इस बारे में सोचा और समझा. यह सिर्फ अभी के लिए है, एक सत्र के लिए, लंबे समय के लिए नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ तब तक के लिए जब तक कोई दूसरा खिलाड़ी इस जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं होता. वे लंबे समय तक कप्तानी करने वाले को ढूंढ रहे हैं. फिलहाल के लिए मैं इस जिम्मेदारी को उठाकर खुश हूं.’

साउथ अफ्रीका 26 दिसंबर से 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए श्रीलंका की मेजबानी करेगा. अगले महीने उसे पाकिस्तान दौरे पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज और 3 मैचों की T20 सीरीज खेलनी है. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज है.

कप्तानी का बोझ पड़ने के बाद 27 साल का यह खिलाड़ी वनडे क्रिकेट में भी विकेटकीपिंग करते नहीं दिखेंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी विकेटकीपिंग नहीं करता. हम किसी और को मौका देना चाहते हैं. अब टेस्ट टीम की जिम्मेदारी भी मेरे ऊपर है. ऐसे में मैं अपने कंधों के कुछ बोझ को कम करना चाहूंगा. मैं हालांकि टेस्ट में कीपिंग करना जारी रखूंगा.’

इनपुट : भाषा