फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट में सर्वाधिक मैच (156) , सर्वाधिक रन (12,038), सर्वाधिक शतक (40), सर्वाधिक कैच (40) का रिकॉर्ड बनाने वाले वसीम जाफर ने शनिवार को 42 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्‍यास ले लिया. मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर ने जाफर को एक महान बल्‍लेबाज करार देते हुए कहा कि वो क्रिकेट के सबसे बड़े एंबेसडर (दूत) है. मुंबई क्रिकेट के लिए उनका योगदान अविश्‍वसनीय है.

वसीम जाफर भारत का इकलौता ऐसा बल्‍लेबाज हे जिसने साउथ अफ्रीका की धरती पर टेस्‍ट क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ा है. यह रिकॉर्ड अबतक भी टूट नहीं पाया है.

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टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान सचिन तेंदुलकर ने कहा, “वसीम जाफर ने टॉप क्‍लास तेज गेंदबाजों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है. केपटाउन टेस्‍ट में शतक के दौरान वसीम जाफर का प्रदर्शन बेहतरीन था. इसी तरह पाकिस्‍तान के खिलाफ कोलकाता टेस्‍ट में दोहरे शतक के दौरान भी वो लाजवाब थे. वो ऐसे बल्‍लेबाज हैं जो अटैक करके खेलता था. वो कभी एक रक्षात्‍मक खिलाड़ी नहीं रहा है.”

सचिन तेंदुलकर ने कहा, “वसीम जाफर एक ऐसा बल्‍लेबाज है वो जब अटैक कर रहा होता है तब विरोधी टीम को भी इस बात का अहसास नही होता कि उनपर प्रहार किया जा रहा है. जब उनकी नजर स्‍कोर बोर्ड पर जाती तो पता चलता कि जाफर अटैक कर रहा है. किसी भी टीम के लिए उन्‍हें आउट करना एक टॉप विकेट हासिल करना होता था.”

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“फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट में उन्‍हें आउट करना बेहद मुश्किल होता था. वो लंबे समय तक पिच पर अपनी एकाग्रता को बनाए रखता था. वो हमेशा से ही विरोधी टीम के लिए बड़ा खतरा रहा है. अगर उन्‍हें जल्‍द आउट नहीं किया गया तो विरोधी टीम को लंबे समय तक फिल्डिंग करने के लिए खुद को तैयार करना होता है. वो काफी कम बोलता है. शांत रहते हुए दबाव की स्थिति में भी रन बनाता रहता है.”