करियर की शुरुआत से ही युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) की तुलना भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) से की जा रही है। 20 साल की उम्र में अपने डेब्यू टेस्ट मैच में धमाकेदार शतक जड़ने के बाद शॉ पहले इंजरी और फिर डोपिंग मामले की वजह से अपने पसंदीदा खेल से दूर हो गए।

और अब कोरोना वायरस लॉकडाउन शॉ को क्रिकेट से मैदान से दूर रख रहा है। इस बीच मास्टर ब्लॉस्टर ने खुद इस युवा खिलाड़ी से बात की। तेंदुलकर ने कहा कि वो शॉ के करियर को सही दिशा में ले जाने में मदद कर रहे हैं।

तेंदुलकर ने पीटीआई से कहा, ‘‘हां, ये सच है। पिछले कुछ सालों में पृथ्वी से मेरी कई बार बात हुई है। वो बहुत प्रतिभाशाली खिलाड़ी है और मैं उसकी मदद करके खुश हूं। मैंने उनसे क्रिकेट और इस खेल से बाहर की जिंदगी के बारे में बात की।’’

तेंदुलकर से जब पूछा गया कि उन्होंने शॉ से क्या कहा तो उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना ​​है कि अगर किसी युवा ने मुझसे संपर्क किया है और मार्गदर्शन मांगा है तो कम से कम मेरी ओर से गोपनीयता बरकरार रहना चाहिए। ऐसे में मैं आपको यह नहीं बताना चाहूंगा कि किस मुद्दे पर बातचीत हुई थी।’’

हालांकि शॉ ने बाद में बताया था कि तेंदुलकर ने उनसे क्या कहा था। इस पर तेंदुलकर ने कहा, ‘‘ठीक है, अगर पृथ्वी इसके बारे में बात करना चाहता है, तो ये उसकी मर्जी है।’’

ये तेंदुलकर की आदत है, उन्होंने पहले भी कई बार व्यक्तिगत स्तर पर कई युवा क्रिकेटरों का मार्गदर्शन किया है लेकिन वो कभी भी इस बारे में खुलकर बात नहीं करते। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने व्यक्तिगत स्तर पर बहुत सारे युवाओं से बात की है और उनका मार्गदर्शन किया है। अगर किसी को लगता है कि मैं उन्हें उनके खेल के बारे में मार्गदर्शन देने में मदद कर सकता हूं, तो मैं हमेशा तैयार रहता हूं।’’