महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया के सेट किए कार्यक्रम से खुश नहीं हैं. उन्होंने कहा कि दौरे की शुरुआत वनडे सीरीज से करना और फिर टी20 और इसके बाद पिंक बॉल टेस्ट खेलना सही नहीं था. बीसीसीआई को चाहिए था कि भारत इस दौरे की शुरुआत टी20 सीरीज से करता और इसके बाद वनडे सीरीज और फिर लाल गेंद से 3 टेस्ट मैच खेलने के बाद अंतिम टेस्ट पिंक बॉल से खेलता तो यह अच्छा रहता.

पूर्व भारतीय कप्तान सचिन तेंदुलकर ने टी20 सीरीज से दौरे की शुरुआत करने के पीछे यह तर्क भी दिया है क्योंकि टीम इंडिया के खिलाड़ी इस दौरे से पहले यूएई में आईपीएल खेलकर यहां आए थे. ऐसे में टी-20 सीरीज की शुरुआत से उनके लिए दौरा आसान हो जाता.

सचिन ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘पहला टेस्ट ही एक डर था क्योंकि मुझे लगता है कि एडिलेड से पहले हमने जो आखिरी टेस्ट खेला वो फरवरी में था. इसके बाद कोई क्रिकेट नहीं खेली गई (कोविड-19 के कारण). हर कोई आईपीएल की तैयारी कर रहा था जो T20 फॉर्मेट है. मेरे हिसाब से IPL के बाद टी20 सीरीज खेलनी चाहिए थी. इसके बाद वनडे और फिर टेस्ट सीरीज, जिसकी शुरुआत लाल गेंद से होनी थी. आखिरी टेस्ट गुलाबी गेंद से खेलते. मेरे हिसाब से यह गुलाबी गेंद के लिए अच्छा ट्रांजिशन होता.’

सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली

सचिन ने कहा कि पिंक बॉल से टेस्ट मैच खेलने के लिए टीम इंडिया अभी तैयार नहीं थी. ऑस्ट्रेलिया में कप्तान कोहली पिंक बॉल से खेलने को लेकर कभी भी सहज नहीं थे. बीते एक साल में उनके बयानों से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने बार-बार कहा था कि डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने से पहले भारत को अच्छी तरह से तैयारी करनी चाहिए. उन्होंने पिछले साल भारत के पहले डे-नाइट टेस्ट मैच के बाद भी यह बात कही थी. भारत ने अपना पहला डे-नाइट टेस्ट कोलकाता के ईडन गार्डन्स में बांग्लादेश के खिलाफ खेला था.

उन्होंने कहा था, ‘हो सकता है कि जब हम बाहर खेलें तब हमें पता चले कि गुलाबी गेंद से खेलना कितना मुश्किल होता है. मुझे लगता है कि अभ्यास मैच खेलने से और तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलने के बाद हम कुछ भी कर सकते हैं. आप एक शॉर्ट नोटिस पर नहीं खेल सकते.’ टीम इंडिया 4 मैचों की टेस्ट सीरीज में अब पहला मैच गंवाकर 0-1 से पीछे हैं. शनिवार को वह मेलबर्न के मैदान पर सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच का आगाज करने उतरेगी.