'कई चीजों का करना होगा त्याग', इस भारतीय बल्लेबाज ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र!
तेंदुलकर ने युवाओं को मेहनत, अनुशासन और तैयारी का महत्व समझाते हुए कहा कि सफलता की कोई गारंटी नहीं होती, लेकिन तैयारी हमेशा आपके हाथ में होती है।
Published On May 19, 2026, 06:38 PM IST
Last UpdatedMay 19, 2026, 06:38 PM IST
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पूर्व भारतीय दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने युवा खिलाड़ियों और उनके माता-पिता को बड़ी सीख देते हुए कहा कि बच्चों की सफलता के लिए उन्हें आजादी देना बेहद जरूरी है।
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि भारत की जर्सी पहनने का सपना पूरा करने के लिए खिलाड़ियों को कड़ी मेहनत और कई त्याग करने पड़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सफलता पाने का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
सचिन तेंदुलकर ने अहमदाबाद में आयोजित ‘एसआरटी 10 अल्टेवोल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’’ लॉन्च इवेंट में युवाओं और माता-पिता को बड़ी सीख दी। इस कार्यक्रम में आईसीसी चेयरमैन जय शाह और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे।
बच्चों को देना होगा आजादी और हौसला
सचिन ने कहा कि अगर माता-पिता अपने बच्चों को सफल देखना चाहते हैं, तो उन्हें बच्चों को आजादी और हौसला देना होगा। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने कभी उन पर दबाव नहीं डाला, जिससे उन्हें अपने खेल को खुलकर जीने का मौका मिला।
तेंदुलकर ने युवाओं को मेहनत, अनुशासन और तैयारी का महत्व समझाते हुए कहा कि सफलता की कोई गारंटी नहीं होती, लेकिन तैयारी हमेशा आपके हाथ में होती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के लिए खेलने का सपना पूरा करने के लिए त्याग करना पड़ता है और सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
सचिन ने बताया अपने बचपन का सफर
तेंदुलकर ने सभी माता-पिता को संदेश देते हुए कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे सफल हों, और इसके लिए हमें कड़ी मेहनत करनी होगी। सबसे जरूरी यह है कि हमें अपने बच्चों को आजादी देनी चाहिए। आजादी और हौसला एक बेहतरीन मेल है, क्योंकि इसी से नतीजे मिलते हैं। मेरे माता-पिता ने मुझ पर कभी दबाव नहीं डाला। न ही मेरे भाई-बहनों ने मुझसे कभी पूछा कि मैं रन क्यों नहीं बना पा रहा हूं। जब मैंने दो क्लब या प्रैक्टिस मैच खेले, तो मैं पहले दो मैच में जीरो पर आउट हो गया और घर आ गया। तीसरे मैच में, मैंने एक रन बनाया। लेकिन अंदर ही अंदर मैं खुश था कि मैं कम से कम एक रन तो बना पाया।”
सचिन ने युवाओं से कहा कि अगर वह भारत के लिए खेलना चाहते हैं, तो उन्हें त्याग करने होंगे। पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा, “आपको अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए कई चीजों का त्याग करना होगा। अगर आप भारत के लिए खेलना चाहते हैं, तो आपको कुछ चीजें करनी ही होंगी, उसका कोई शॉर्टकट नहीं है। अगर आप शॉर्टकट लेते हैं, तो सारी दुनिया के सामने आपकी पोल खुल जाएगी, क्योंकि क्रिकेट मैदान पर सभी के सामने खेला जाता है। इस वजह से शॉर्टकट मत लीजिएगा। एकेडमी का मकसद उम्दा खिलाड़ी के साथ-साथ अच्छे इंसान भी तैयार करना है।
सचिन तेंदुलकर भारत के सबसे महान क्रिकेटरों में से एक माने जाते हैं। उन्हें “क्रिकेट के भगवान” और “मास्टर ब्लास्टर” के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म 24 अप्रैल 1973 को मुंबई में हुआ था।
सचिन ने सिर्फ 16 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए डेब्यू किया और लगभग 24 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। उन्होंने टेस्ट और वनडे क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए।