श्रीलंका के खिलाफ (India vs Sri Lanka) विश्‍व कप 2011 (ICC World Cup 2011) के फाइनल मुकाबले में तत्‍कालीन कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) अपने तय स्‍थान नंबर-6 की जगह पांचवें नंबर पर बल्‍लेबाजी के लिए आए थे. सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने बताया कि धोनी उनका कहा मानते हुए ही गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के साथ साझेदारी बनाने के लिए नंबर-5 पर बल्‍लेबाजी करने गए थे.

उस वक्‍त नंबर-5 पर आमतौर पर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) खेलने के लिए आते थे. सचिन तेंदुलकर ने यह निर्णय इसलिए लिया ताकि गौतम गंभीर के साथ मैदान पर लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन बन सके.

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान सचिन तेंदुलकर ने कहा, “गौतम शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे. उनके साथ धोनी जैसा बल्लेबाज ही लगातार स्ट्राइक बदल सकता था. तभी मैंने वीरू (वीरेंद्र सहवाग) से संदेशा भिजवाया. मैंने वीरू से कहा कि तुम ओवर के बीच में जाकर सिर्फ ये बात बाहर जाकर धोनी को बोल देना और अगला ओवर शुरू होने से पहले वापस आ जाना. मैं यहां से नहीं हिलने वाला.”

सचिन ने आगे बताया, ” जैसा मैंने कहा था, वीरू ने वैसा ही किया. इसके बाद धोनी ड्रेसिंग रूम में लौट गए. यहां उन्होंने कोच गैरी कस्र्टन से इस रणनीति पर बात की. हमारे (सचिन-वीरू) आउट होने के बाद गैरी और धोनी समेत हम चारों ने मिलकर इस पर चर्चा की. गैरी को अटैक के लिए लेफ्ट-राइट की रणनीति बेहतरीन लगी. धोनी भी इस पर राजी भी हो गए और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए.”

धोनी के पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आना भारत के लिए सही रहा. उन्होंने नाबाद 91 रन की पारी खेलकर भारत को विश्व कप जिताने में अहम योगदान दिया. इसमें गंभीर का भी अहम योगदान रहा और उन्होंने भी 97 रनों की मैच जिताउ पारी खेली थी.