सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और सौरव गांगुली © CricketCountry archive
सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और सौरव गांगुली © CricketCountry archive

पिछले कुछ दिनों से टीम इंडिया के नए कोच को चुने जाने को लेकर लगातार बातें की जा रही हैं। नया कोच चुनने का जिम्मा क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी के जिम्मे है। इस समिति के सदस्य सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली हैं। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने रविवार सुबह के संस्करण में खबर छापी थी कि इन तीनों दिग्गजों ने टीम इंडिया का कोच चुनने के लिए पैसों की मांग की है। खबर के मुताबिक इनका कहना था कि बीसीसीआई कोच चुनने के लिए क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी को भुगतान करे। खबर के मुताबिक ये तीनों इन दिनों इंग्लैंड में हैं और गुरुवार को ओवल में श्रीलंका और भारत के बीच चैंपियंस ट्रॉफी मुक़ाबले के बाद इन तीनों ने बैठक की थी। तीनों ने बैठक के बाद बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी को बताया था कि वे नहीं चाहते कि समिति में उनकी भूमिका अवैतनिक हो।

बहरहाल, इस बात से बीसीसीआई ने साफतौर पर इंकार किया है। और अपना स्पष्टीकरण देते हुए इस खबर को निराधार बताया है। इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने 11 जून को को एक खबर में इस बात का जिक्र किया था कि क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) के सदस्यों ने टीम इंडिया के कोच को चुने जाने के लिए होने वाली मीटिंग के लिए पैसा मांगा था। हालांकि, बीसीसीआई ने एक बात पर अपना स्पष्टीकरण दिया है कि सीएसी की ओर से इस तरह का कोई दावा नहीं किया गया है और जो स्टोरी अखबार ने की है वह निराधार और तथ्यों से रहित है। [भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, चैंपियंस ट्रॉफी, मैच 11, लाइव स्कोरकार्ड जानने के लिए क्लिक करें…]

बीसीसीआई ने कहा है कि लेख दुर्भावनापूर्ण था और उसके माध्यम से टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों के योगदान को गलत ढंग से प्रस्तुत करने की कोशिश की गई। यह बात पूरी तरह से निराधार है। बीसीसीआई ने इस बात को दुहराया कि सीएसी का मार्गदर्शन और और सिफारिशें भारतीय क्रिकेट की बेहतरी के लिए अमूल्य है। इसलिए हम अखबार से कहते हैं कि इस आर्टिकल को हटा लिया जाए और उपयुक्त संशोधन किए जाएं।