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विनेश फोगाट की अयोग्यता पर सचिन और गावस्कर ने किया रिएक्ट, जानें क्या कहा ?

सुनील गावस्कर ने कहा, मुझे उम्मीद है कि अधिकारी इस पर ध्यान देंगे कहा और इस पर कड़ा विरोध दर्ज करेंगे क्योंकि यह शुरुआती दौर का मुकाबला नहीं है.

user-circle cricketcountry.com Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - August 7, 2024 5:12 PM IST

नई दिल्ली. पेरिस ओलंपिक 2024 से विनेश फोगाट के बाहर होने पर हंगामा मचा है. पूरा देश पेरिस ओलंपिक में महिलाओं की 50 किग्रा कुश्ती के फाइनल में गोल्ड की उम्मीद कर रहा था, मगर विनेश को अंतिम दिन वजन नापने के दौरान 50 किग्रा से 100 ग्राम ज्यादा वेट होने की वजह से अयोग्य घोषित कर दिया गया. इस मामले पर देश की कई हस्तियों ने विनेश का समर्थन किया है और ओलंपिक एसोसिएशन के फैसले पर सवाल उठाए हैं. भारत के दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और सुनील गावस्कर ने भी इस पर रिएक्ट किया है.

सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया X पर लिखा, निशा दहिया और विनेश फोगट, आपके साहस और दृढ़ संकल्प ने पूरे देश को प्रेरित किया है. निशा, चोट के बावजूद इस तरह के जज्बे के साथ लड़ना वाकई उल्लेखनीय था, वहीं विनेश, अयोग्यता के बावजूद, फाइनल तक की आपकी अविश्वसनीय यात्रा और युई सुसाकी के खिलाफ जीत एक शानदार पल है.

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पूरा देश आपके समर्थन में खड़ा है: सचिन तेंदुलकर

सचिन ने लिखा, हालांकि परिणाम वैसे नहीं थे जैसी हमें उम्मीद थी, लेकिन आपके प्रदर्शन ने प्रभाव डाला है, अपना सिर ऊंचा रखें, यह जानते हुए कि पूरा देश आपके समर्थन में खड़ा है. भारत के लिए अपना सब कुछ देने के लिए धन्यवाद, हमें आप दोनों पर अविश्वसनीय रूप से गर्व है.

सुनील गावस्कर ने फैसले को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने पहलवान विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक में महिलाओं के 50 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल से पहले थोड़ा अधिक वजन होने के कारण अयोग्य ठहराए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि भारत को इसका कड़ा विरोध दर्ज करना चाहिए. गावस्कर ने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के साथ-साथ भारत सरकार को भी इससे निपटने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है, मुझे यह भी लगता है कि यह सबसे अनुचित है, मुझे उम्मीद है कि अधिकारी इस पर ध्यान देंगे कहा और इस पर कड़ा विरोध दर्ज करेंगे क्योंकि यह शुरुआती दौर का मुकाबला नहीं है.

गावस्कर ने कहा,हम पदक दौर की बात कर रहे हैं और इसलिए भारत में किसी को भी इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए फिर चाहे वह ओलंपिक संघ हो या भारत सरकार. भारत के पूर्व कप्तान ने कहा, वास्तव में हमें इस पूरे मामले का पूरी दृढ़ता के साथ कड़ा विरोध करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से पूरे भारतीय दल के लिए निराशाजनक है लेकिन यही वह जगह है जहां खिलाड़ी हर तरह की बाधा के बावजूद अच्छा प्रदर्शन करने के लिए खुद को प्रेरित करते हैं. गावस्कर ने कहा, खेल का मतलब आसान काम नहीं होता फिर चाहे वह क्रिकेट हो या फुटबॉल, इसमें आपको छोटी-छोटी बाधाओं का सामना करना पड़ता है, आपको उन्हें दूर करके पदक हासिल करने के लिए प्रयास करने होंगे.