सचिन तेंदुलकर © Getty Images
सचिन तेंदुलकर © Getty Images

भले ही सचिन तेंदुलकर के नाम सीमित ओवरों की क्रिकेट में पहला दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड हो, लेकिन सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप टी20 क्रिकेट के कोई बड़े फैन नहीं हैं। अपने बेहतरीन स्ट्रोक्स व भारी बैट से मैदान में चौकों-छक्कों की झड़ी लगाने वाले सचिन को युवाओं की नए-नए आक्रामक स्ट्रोक्स को कॉपी करने वाली बात बिल्कुल नहीं जमती। हाल ही में मुंबई के अंडर-16 क्रिकेटर्स से बाचीत करते हुए(जिस स्कावयड में उनका बेटा अर्जुन तेंदुलकर भी शामिल था), सचिन ने कहा कि बेहतरीन क्रिकेटर बनने के लिए वे कॉपीबुक क्रिकेट खेलने में ध्यान देने के साथ खेल के आधारभूत स्ट्रोक्स पर ध्यान दें। संन्यास लेने के दो साल बाद भी तेंदुलकर आज भी क्रिकेट आइकन बने हुए हैं। हाल ही में नए साल के मौके पर उनका वीडियो खूब वायरल हुआ था। यही बताता है कि सचिन कितने  लोकप्रिय हैं। ये भी पढ़ें: तीसरे एकदिवसीय मैच में जिम्बाब्वे ने अफगानिस्तान को हराया

मुंबई  के युवा क्रिकेटर्स सचिन से बेहतरीन मेंटर की कामना ही नहीं कर सकते थे। यह वही क्रिकेटर है जिसने क्रिकेट के कई रिकॉर्डस अपने नाम कर रखे हैं। दिलचस्प बात यह है कि सचिन ने अपने क्रिकेट जीवन में मात्र एक अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला है। यह टी20 मैच उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था जिसमें उन्होंने 10 रन बनाए थे। ऐसे समय में जब टेस्ट और एकदिवसीय क्रिकेट टी20 प्रारूप के आगे बौने साबित हो रहे हैं। तेंदुलकर ने मुंबई के जूनियर क्रिकेटरों को सलाह दी है कि वे टीम की सफलता को ध्यान में रखते हुए लंबी पारी खेलना सीखें। ये भी पढ़ें: बड़ौदा की तरफ से खेलते हुए इरफान पठान ने लिए 13 रनों पर 5 विकेट

मिड डे अखबार में छपी खबर के अनुसार, तेंदुलकर ने कहा आकर्षक स्ट्रोक्स(जैसे कि दिलस्कूप, रिवर्स स्वीप, और स्विच हिट) उन बच्चों के लिए खतरनाक हैं  जो अभी बेसिक्स सीख रहे हैं। पिछले दिनों सचिन ऑलस्टार लीग में अपनी टीम सचिन ब्लास्टर्स की ओर से खेलते नजर आए थे। सचिन ने एक मैच में 25 गेंदों में 51 रनोंकी पारी खेली थी।