भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान सौरव गांगुली के बीसीसीआई का अध्‍यक्ष बनने के बाद एक बार फिर सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्‍मण को बीसीसीआई में बड़ी जिम्‍मेदारी मिल सकती है. सूत्रों की माने तो सचिन और लक्ष्‍मण को एक बार फिर क्रिकेट सलाहकार समिति का अध्‍यक्ष बनाया जा सकता है.

जल्‍द ही बीसीसीआई) की सालाना बैठक होने वाली है. इस बैठक का मकसद क्रिकेट प्रशासन से संबंध में नए सुधारों को लागू करना होगा. ऐसे में सचिन और लक्ष्‍मण के सीएसी में वापसी को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं.

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बीसीसीआई की पहली सीएसी में सचिन, लक्ष्‍मण के अलावा सौरव गांगुली भी शामिल थे. न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस ने सूत्रों के हवाले से लिखा, “सचिन और लक्ष्मण की वापसी हो सकती है. चूंकि सौरव गांगुली इस वक्‍त बीसीसीआई के अध्यक्ष हैं. ऐसे में वह इसमें नहीं हो सकते.”

पहली सीएसी ने भारतीय पुरुष टीम के कोच का चयन किया था, लेकिन महिला टीम के कोच की नियुक्त से अपने हाथ खींच लिए थे जिसका कारण हितों के टकराव को लेकर मचा बवाल था.

पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव, पूर्व कोच अंशुमन गायकवाड़ और महिला टीम की पूर्व कप्तान शांथा रंगास्वामी की नई सीएसी बनाई गई थी जिसने महिला टीम के कोच का चयन और भारत के पुरुष कोच रवि शास्त्री के कार्यकाल को विस्ताव दिया था.

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इस समिति ने हालांकि एड-हॉक समिति के तौर पर काम किया था. इस समिति ने भी हितों के टकराव के मुद्दे को लेकर इस्तीफा दे दिया था. सूत्रों की मानें तो एजीएम में राज्य संघों के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड को भी हटाया जा सकता है और समिति तथा उप समिति में 70 साल की उम्र सीमा को लेकर भी बदलाव किए जा सकते हैं.