सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर © AFP
सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर © AFP

रवि शास्त्री को भारतीय टीम का कोच बनाए जाने के बाद बयानबाजी का सिलसिला रुक नहीं रहा है। सीएसी ने शास्त्री को टीम इंडिया का कोच नियुक्त किया है लेकिन अब भारत के पूर्व चयनकर्ता संदीप पाटिल ने सीएसी के सदस्य सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण पर ही सवाल खड़े कर दिए। पाटिल ने तीनों पूर्व खिलाड़ियों को कटघरे में खड़ा करते हुए दावा किया कि इन तीनों खिलाड़ियों को कोच चुनने का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए था। ये भी पढ़ें: फिरने वाले हैं वेस्टइंडीज टीम के दिन, जल्दी ही वापसी करेंगे क्रिस गेल समेत सभी बड़े खिलाड़ी

पाटिल ने कहा, ”सचिन-सौरव और लक्ष्मण को कोच चुनने का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए था। सब कुछ गलत हुआ है। सचिन-सौरव और लक्ष्मण ने भले ही क्रिकेट में ढेरों रिकॉर्ड बनाए हों लेकिन तीनों में से किसी के भी पास कोचिंग देने का अनुभव नहीं है और ऐसे में वो कोच कैसे चुन सकते हैं। तीनों में से किसी खिलाड़ी ने बतौर कोच काम नहीं किया है। क्या कोई कोच अंपायर को या फिर कोई अंपायर कोच का चुनाव कर सकता है?” इसके अलावा पाटिल ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि कोच के नाम का ऐलान सोमवार को ही क्यों नहीं हुआ।

पाटिल ने कहा, ”कोच के नाम का ऐलान सोमवार को ही कर दिया जाना चाहिए था। रवि शास्त्री जो कि एक जाने-माने कमेंटेटर हैं उन्हें कोच नहीं बनाया जाना चाहिए था। शास्त्री को टीम मेंटर या फिर डायरेक्टर ही बनाया जाना चाहिए था।” आपको बता दें कि सीएसी ने रवि शास्त्री को भारतीय टीम का हेड कोच चुना था। क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी के तीनों सदस्यों सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली ने सोमवार को उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया था।

जिसके बाद रवि शास्त्री के नाम का चयन हुआ और उन्होंने वीरेंद्र सहवाग, रिचर्ड पाइबस और टॉम मूडी जैसे दिग्गजों को मात दे दी। खबरें थी कि टीम इंडिया के कप्तान और दूसरे सभी खिलाड़ी पूर्व डायरेक्टर रवि शास्त्री को कोच के पद पर देखना चाहते थे इसीलिए सलाहकार समिति ने उन्हें चुनने का फैसला लिया। रवि शास्त्री का खिलाड़ियों से दोस्ताना व्यवहार, टीम डायरेक्टर के तौर पर अनुभव और प्रदर्शन उनके हक में गया।