युवराज और गंभीर को बाहर करने में धोनी का कोई रोल नहीं: संदीप पाटिल

पूर्व चयनकर्ता ने किया खुलासा कहा धोनी ने कभी भी युवराज और गंभीर के चयन का विरोध नहीं किया

Edited By : Cricket Country Staff |Sep 23, 2016, 12:33 PM IST

Published On Sep 23, 2016, 12:33 PM IST

Last UpdatedSep 23, 2016, 12:33 PM IST

संदीप पाटिल ने एक और बड़ा खुलासा कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया है © Getty Images
संदीप पाटिल ने एक और बड़ा खुलासा कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया है © Getty Images

भारतीय चयनकर्ता के रूप में अपना कार्यकाल पूरा कर चुके संदीप पाटिल आजकल अपने खुलासों के कारण चर्चा में हैं। हाल ही में सचिन तेंदुलकर के रिटायरमेंट के बयान से चर्चा में आए पाटिल ने एक और खुलासा किया है। संदीप पाटिल ने उन रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिसमें ये कहा गया है कि युवराज सिंह और गौतम गंभीर जैसे भारतीय खिलाड़ियों को टीम से बाहर निकलवाने में महेन्द्र सिंह धोनी का हाथ है। पाटिल ने कहा कि धोनी ने इन खिलाड़ियों को चयन का कभी विरोध नहीं किया।

गौरतलब है कि मीडिया में ऐसे रिपोर्ट्स आते रहे हैं कि गौतम गंभीर और युवराज सिंह को टीम से बाहर निकालने सबसे बड़ा कारण महेन्द्र सिंह धोनी हैं। पाटिल ने इस संबंध में कहा कि मुझे निराशा होती हैं, जब मैं युवराज सिंह और गौतम गंभीर के धोनी के साथ संबंधों की बात पढ़ता हूं। धोनी ने कभी भी इन खिलाड़ियों के चयन का विरोध नहीं किया। पाटिल ने आगे कहा कि यह पूरी तरह से चयनकर्ताओं का निर्णय था कि उनको टीम से बाहर किया जाए और धोनी का युवराज और गंभीर को टीम से निकालने में कोई रोल नहीं है। कप्तान ने कभी किसी खिलाड़ी का विरोध नहीं किया।

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पाटिल के इस बयान से यह साबित होता है कि युवराज और गंभीर को टीम से निकाले जाने के जितने भी आरोप धोनी पर लगाए गए थे वो गलत हैं। धोनी ने भी इस तरह के बयानों पर कभी कोई जवाब नहीं दिया। [Also read: भारत बनाम न्यूजीलैंड, पहले टेस्ट का फुल स्कोरकार्ड]

यहां तक कि युवराज सिहं के पिता योगराज सिंह ने भी युवराज को टीम से बाहर निकाले जाने पर आरोप महेन्द्र सिंह धोनी पर ही लगाया था। इसके अलावा उन्होंने धोनी को मतलबी खिलाड़ी बताया और उनको सजा मिलने की बात भी कही थी।

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