Sanjay Bangar expresses disappointment over Murali Vijay, Ajinkya Rahane’s poor shot selection
मुरली विजय 155 रन पर आउट होकर दोहरे शतक से चूक गए © Getty Images

भारत बनाम श्रीलंका तीसरे टेस्ट के पहले दिन सलामी बल्लेबाज मुरली विजय लगातार दूसरा शतक जड़ने के बाद खराब शॉट खेलकर आउट हुए, जिस पर बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ ने निराशा जताई। वहीं 1 रन पर स्टंप आउट होने वाले अजिंक्य रहाणे की भी बांगड़ ने क्लास लगाई, हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि रहाणे में वापसी करने की क्षमता है। मैच के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेट बांगड़ ने कहा, ‘‘विजय जिस तरह से आउट हुआ उससे निराश होगा। वह ऐसा खिलाड़ी है जो अपने खेल पर कड़ी मेहनत करता है। पिछले मैच में और इस मैच में उसके शॉट चयन में कमी दिखी जिससे वह निराश होगा। लेकिन वह स्तरीय खिलाड़ी है। विदेशों में उसका रिकार्ड शानदार है और उसमें वापसी करने की क्षमता है।’’

अजिंक्य रहाणे का रिकॉर्ड शानदार

अजिंक्य रहाणे मौजूदा श्रृंखला की चार पारियों में 4, 0, 2 और 1 रन ही बना पाए हैं लेकिन बांगड़ ने उनका बचाव करते हुए कहा कि दाएं हाथ का यह बल्लेबाज विश्व स्तरीय खिलाड़ी है और जल्द ही वापसी करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘विदेशों में उसका रिकॉर्ड शानदार है। बांग्लादेश के अलावा वह हर देश में शतक जड़ने वाले कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल है। यह उसकी काबिलियत को दिखाता है। वह मुश्किल मौकों पर टीम के लिए रन बना चुका है।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘आपको अपने प्रदर्शन में निरंतरता दिखानी होगी। हर खिलाड़ी हर समय अपने खेल के किसी ना किसी पहलू में सुधार की कोशिश करता है। फिर वह चाहे अच्छी फार्म में हो या खराब फार्म में। हमारी तैयारी सभी खिलाड़ियों के लिए समान है। जहां तक आत्मविश्वास की बात है तो अगर कोई खिलाड़ी फार्म में नहीं है और रन नहीं बना पा रहा तो यह काफी हद तक उसकी मानसिकता पर भी निर्भर करता है। तब यह अहम हो जाता है कि खिलाड़ी के दिमाग में नकारात्मक विचार ना आ रहे हो और अगर आ रहे हैं तो उसे कैसे सकारात्मक विचारों में बदला जाए। हम इन चीजों के बारे में बात करते हैं। (प्रदर्शन करने की) भूख सभी खिलाड़ियों में समान है।’’

भारत में हर पिच एक जैसी नहीं होती

भारत के सहायक कोच संजय बांगड़ ने दिल्ली टेस्ट के बाद क्यूरेटरों का बचाव करते हुए कहा कि भारत में हर मैदान पर एक जैसी पिच तैयार करना संभव नहीं है। गौरतलब है कि नागपुर में दूसरे टेस्ट के दौरान स्पिनर अधिक प्रभावी रहे थे जबकि यहां कोटला पर तीसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन भारत ने बल्लेबाजी की अनुकूल पिच पर पहले दिन चार विकेट पर 371 रन बनाए।

बांगड़ ने कहा, ‘‘भारत विविधता वाला देश है जिससे हर पिच एक जैसी नहीं हो सकती। हर जगह की विकेट अलग होती है। हम घास की मौजूदगी वाली तेजी और उछाल से भरी पिच चाहते थे। क्यूरेटर सिर्फ इतना ही कर सकते हैं क्योंकि यह सब मिट्टी पर निर्भर करता है। आप उम्मीद नहीं कर सकते कि मुंबई का विकेट दिल्ली के विकेट की तरह खेले और कोलकाता का विकेट नागपुर के विकेट की तरह। यह क्रिकेट की खूबसूरती है। आप कुछ चीज चाहते हैं लेकिन क्यूरेटर आपको ठीक वही चीज नहीं दे सकता।’’

प्लेइंग इलेवन चुनते समय विपक्षी टीम का आंकलन जरूरी 

बांगड़ ने साथ ही कहा कि प्लेइंग इलेवन के चयन में अपनी और सामने वाली टीम का कॉम्बिनेशन भी मायने रखता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम मैच से पहले खिलाड़ियों के आंकड़ों का पूरा आकलन करते हैं। उनके पास क्या वैरिएशन हैं। वे कितने लंबे स्पेल फेंक सकते हैं। कुछ गेंदबाज ओवर द विकेट गेंदबाजी करते हैं जबकि कुछ रन रोकना चाहते हैं। हम बल्लेबाजी के विकल्पों पर चर्चा करते हैं और इसे विरोधी टीम के हिसाब से परखते हैं। खिलाड़ी भी इन बातों को समझते हैं कि हर मैच में खेलना संभव नहीं है। शिखर काफी अच्छी फार्म में है और यहां ही नहीं बल्कि श्रीलंका में भी उसने शानदार प्रदर्शन किया। जब आपके पास बायें हाथ का स्पिनर और ऑफ स्पिनर हो तो आपको विपक्षी टीम के कॉम्बिनेशन पर भी ध्यान देना होता है और यह भी देखना होता है कि दायें और बायें हाथ की जोड़ी से आपको मदद मिलेगी। अंतिम एकादश चुनते समय आपको इन सभी चीजों को ध्यान में रखना होता है।’’