संजय बांगड़  © IANS
संजय बांगड़ © IANS

भारत बनाम वेस्टइंडीज दूसरे वनडे मैच से पहले मीडिया से रूबरू होते हुए टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ ने अनिल कुंबले के इस्तीफे को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। बांगड़ ने कहा कि कुंबले के जाने से टीम में खालीपन सा आ गया है, हालांकि उन्होंने ये भी माना कि खिलाड़ी इससे काफी अच्छे से उबर रहे हैं। बता दें कि कुंबले ने कप्तान विराट कोहली के साथ विचारों के टकराव की वजह से मुख्य कोच के पद से इस्तीफा दे दिया है। फिलहाल टीम इंडिया की कोचिंग का जिम्मा पूरी तरह से बांगड़ पर ही है। टीम इंडिया के नए मुख्य कोच की नियुक्ति श्रीलंका दौरे से पहले होगी।

बांगड़ ने इस मामले पर कहा, “हम सभी पेशेवर हैं और इस तरह की चीजें हर उस संस्था का हिस्सा हैं जहां बदलाव होता है। सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों ने इस मुद्दे को काफी अच्छे से संभाला है और अब तक हमने स्थिति का अच्छे से सामना किया है। जैसा कि मैने पहले कहा कि इसमें सभी का योगदान है, जब भी टीम से कोई अलग होता है तो इससे निपटना आसान नहीं होता। आपको ये मानना ही पड़ता है कि ऐसी चीजें कभी ना कभी होंगी ही। लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी ये है कि भारतीय क्रिकेट को हमेशा आगे बढ़ना चाहिए और टीम का प्रदर्शन इस सबसे प्रभावित नहीं होना चाहिए।” [ये भी पढ़ें: तीसरे और निर्णायक टी20 मैच में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा इंग्लैंड]

कुंबले के जाने से टीम को दोगुना नुकसान हुआ है क्योंकि मुख्य कोच होने के साथ साथ वह गेंदबाजी कोच की भूमिका भी निभाते थे। टीम इंडिया के पास लंबे समय से कोई गेंदबाजी कोच नहीं है, ऐसे में चीजें काफी मुश्किल हो गई हैं। इस बारे में बांगड़ का कहना है कि, “हां, अनिल दोहरी भूमिका अदा कर रहे थे। उनके कार्यकाल में हमें कई सकारात्मक नतीजे मिले हैं। हम सभी जानते हैं कि टीम ने उनके नेतृत्व में सफलता हासिल की है। उनकी कमी को पूरा करना काफी मुश्किल है, लेकिन हमारे पास युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली जैसे खिलाड़ी हो जो 700 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने के करीब हैं।” [ये भी पढ़ें: जब राहुल द्रविड़ ने गुस्से में आपा खोया था]

बांगड़ ने आगे कहा कि, “तीनों वरिष्ठ क्रिकेटर बाकी खिलाड़यों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। केवल कोचिंग स्टाफ ही खिलाड़ियों की मदद नहीं करता बल्कि वरिष्ठ खिलाड़ियों की भी इसमें बड़ी भूमिका होती है। साथ ही कोच और कप्तान ही नहीं बल्कि कोच और खिलाड़ियों के बीच भी विश्वास होना जरूरी है। असल में यह एक लंबी प्रक्रिया है जिसके लिए काफी समय की जरूरत होती है। ये मैने अपने अनुभव से सीखा है।” फिलहाल श्रीलंका दौरे टीम इंडिया बांगड़ के नेतृत्व में ही रहेगी।