Sanjay Manjrekar says batsmen should be allowed to take advice on DRS decision
संजय मांजरेकर © IANS

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज संजय मांजरेकर का कहना है कि डीआरएस के इस्तेमाल में संशय होने पर बल्लेबाजों को ड्रेसिंग रूम से मदद लेने की अनुमति मिलनी चाहिए। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में हो रहे पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन श्रीलंका के बल्लेबाज दिलरुवान परेरा के डीआरस लेने पर विवाद खड़ा हो गया। ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने ड्रेसिंग रूम की तरफ देखने के बाद रिव्यू की मांग की थी।

स्टीवन स्मिथ की राह पर चले दिलरुवान परेरा, ड्रेसिंग रूम की ओर देखकर लिया रिव्यू?
स्टीवन स्मिथ की राह पर चले दिलरुवान परेरा, ड्रेसिंग रूम की ओर देखकर लिया रिव्यू?

श्रीलंका की टीम 57वें ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 208 रन बना चुकी थी। परेरा सात गेंद खेल चुके थे लेकिन उन्होंने खाता नहीं खोला था। अंपायर नाइजेल लॉन्ग ने उन्हें मोहम्मद शमी की गेंद पर एलबीडबल्यू आउट करार दिया।परेरा को आउट दिए जाने के बाद पवेलियन की तरफ मुड़े, उन्होंने ड्रेसिंग रूम की ओर देखा और वापस पलटकर डीआरएस की मांग की। इसके बाद डीआरएस से पता चला कि परेरा आउट नहीं हुए थे। अजीब तरह से लिए गए डीआरएस पर कमेंटेटर ने भी टिप्पणी की।

संजय ने मी़डिया से बातचीत में कहा, “मुझे लगा कि जो भी हमने टेलीविजन पर देखा, उससे यही पता चलता है कि डीआरएस के इस्तेमाल के लिए ड्रेसिंग रूम से इशारे किए गए थे। हालांकि, इसके लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं है। अगर आप पिच से जा रहे हैं और 15 सेकेंड में बल्लेबाज ड्रेसिंग रूम की ओर देखने के बाद डीआरएस की मांग करता है, तो मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई बड़ी बात है।”

डीआरएस में बदलाव की जरूरत 

संजय ने कहा, “मुझे ऐसा लगता है कि एक बार फिर इस मामले में नियम की ओर ध्यान दिया जाना चाहिए और इसमें बदलाव किया जाना चाहिए, क्योंकि जब आप फील्डिंग करते हैं, तो आपके पास सलाह लेने के लिए 11 खिलाड़ी होते हैं। आपने स्टीव स्मिथ को भी देखा था…ऐसे में अगर आप बल्लेबाजी कर रहे हैं, तो आपको बाहर से भी मदद की जरूरत होती है।” संजय ने कहा कि जब आप टीवी में देखते हैं, तो आप सही तरीके से देखते हैं और यह दोनों टीमों के लिए अच्छा होता है। कोशिश तो यही होती है कि निर्णय सही हो, इसलिए इस पर विचार किया जाना चाहिए।