Akhilesh Tripathi
पत्रकारिता में करियर की शुरुआत साल 2013 मेंआर्यन टीवी (पटना) से हुई, फिर ईनाडु डिजीटल (ईटीवी हैदराबाद) में लगभग ...Read More
Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - March 6, 2026 1:35 PM IST

संजू सैमसन की प्रतिभा और क्षमता पर कभी सवाल नहीं था, लेकिन अपनी क्षमता को निरंतरता के साथ प्रदर्शित नहीं कर पाना उनकी सबसे बड़ी कमजोरी के रूप में उभरी थी. अपनी इस कमी को संजू सैमसन ने टी20 क्रिकेट के महाकुंभ टी20 विश्व कप 2026 में दूर किया है और लगातार मैचों में विस्फोटक पारियां खेलते हुए भारत को फाइनल का टिकट दिलाया है.
सैमसन की पिछली मैचों में खेली गई पारियों ने उनके बारे में क्रिकेट आलोचकों की तमाम धारणाएं बदल ही हैं. अपने इस करिश्माई प्रदर्शन के लिए संजू ने खेल के साथ ही अपने दिमाग पर भी काम किया है. इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा, टूर्नामेंट से पहले का समय उनके लिए आसान नहीं था, टीम में जगह न मिलना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा, न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान वह टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए काफी कोशिश कर रहे थे और शायद इसी वजह से वह थोड़ा ज्यादा दबाव में खेल रहे थे.
सैमसन ने इंग्लैंड के खिलाफ सात रन से जीत के बाद पत्रकारों से कहा, बहुत अच्छा लग रहा है और यह राहत भरा अहसास है. मैं वास्तव में कुछ वर्षों से अपने देश के लिए ऐसा कुछ करने की कोशिश कर रहा था.
उन्होंने कहा, मैं पूरे धैर्य, कड़े अभ्यास और मानसिक रूप से मजबूत बनकर इंतजार कर रहा था, निश्चित रूप से मुझे खुशी है लेकिन मुझे लगता है कि अभी हमारा काम खत्म नहीं हुआ है, हमें अभी एक कदम और आगे बढ़ाना है और अगर हम उसमें सफल रहे तो सब कुछ सार्थक हो जाएगा, एक और मैच विजेता पारी वाकई बहुत अच्छी रहेगी.
उन्होंने कहा, पीछे मुड़कर देखने पर महसूस हुआ कि उन्हें खेल को थोड़ा शांत दिमाग से लेना चाहिए था, टी20 क्रिकेट भले ही तेज और आक्रामक फॉर्मेट है, लेकिन इसमें भी धैर्य और बेसिक्स का उतना ही महत्व ह, दुनिया के कई बड़े बल्लेबाज भी इस फॉर्मेट में लगातार रन बनाने के लिए संघर्ष करते हैं, इसलिए खेल के मूल सिद्धांतों का सम्मान करना जरूरी है. सैमसन ने कहा, मैंने खेल की बुनियादी बातों पर फिर से काम किया और खुद को बेहतर तरीके से तैयार किया, इसी बदलाव की वजह से टूर्नामेंट में अब तक सफलता मिली है.
विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, मुझे लगता है कि जब मुश्किल समय आ रहा था, तो मेरे करीबी लोग, जिन लोगों से मैं प्यार करता हूं, जिन्हें मैं सपोर्ट करता हूं, वे मेरे साथ थे, मैंने अपना फोन बंद कर दिया, सोशल मीडिया पर नहीं था, अभी भी नहीं हूं, इसलिए कम लोग मुझसे इंटरैक्ट कर रहे थे, मुझे लगता है कि इससे मुझे सही दिशा में फोकस करने में सच में मदद मिली और मैं बहुत खुश हूं कि मैं जैसा कर रहा हूं.
वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला गया मुकाबला नॉकआउट मुकाबले की तरह था, पारी की शुरुआत करने आए सैमसन ने इस मैच में 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन की पारी खेल भारतीय टीम को जीत दिलाई और सेमीफाइनल में पहुंचाया, सेमीफाइनल में भारत का सामना इंग्लैंड से था, सैमसन ने 42 गेंदों पर 89 रन की विस्फोटक पारी खेली और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. दोनों पारियां दबाव वाले ऐसे समय में खेली गईं जब टीम को उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, दोनों मैचों में सैमसन प्लेयर ऑफ द मैच रहे. न्यूजीलैंड के खिलाफ 8 मार्च को होने वाले टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में भी सैमसन के प्रदर्शन पर नजर रहेगी
T20 वर्ल्ड कप 2026 से जुड़े सभी ताजा अपडेट आप देख सकते हैं: https://www.cricketcountry.com/hi/icc-mens-t20-world-cup-2026/
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