महेंद्र सिंह धोनी-सरफराज अहमद © AFP
महेंद्र सिंह धोनी-सरफराज अहमद © AFP

चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के दौरान अगर कोई कोई तस्वीर सबसे ज्यादा वायरल हुई तो वह थी पाकिस्तान के कप्तान सरफराज़ अहमद के बेटे के साथ टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तस्वीर। फाइनल मैच से कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस फोटो ने भारत-पाकिस्तान मुकाबले की वो तस्वीर सामने रखी जिसे अक्सर हम देख नहीं पाते या फिर देखना ही नहीं चाहते हैं। हाल ही में सरफराज़ ने इस तस्वीर को लेकर ऐसा खुलासा किया है जिसके बाद हर क्रिकेट प्रशंसक के दिल में उनके लिए सम्मान और बढ़ जाएगा। सरफराज़ ने एक पाकिस्तानी चैनल के साथ इंटरव्यू के दौरान इस राज से पर्दा उठाया।

एंकर ने जब सरफराज़ से पूछा कि, “फाइनल मैच से पहले अब्दुला हमारे धोनी भाई के गोद में थे, उस तस्वीर का क्या राज है” तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “हां जी, सब लोग एक ही होटल में थे, मैं अपने परिवार के साथ लॉबी में बैठा था और जब मैने धोनी को देखा तो मैं उनके पास चला गया। मैने कहा कि चलो अब्दुला की एक तस्वीर हो जाए, जब अब्दुला बड़ा होगा तो याद रखेगा कि वो एक दिन महेंद्र सिंह धोनी जैसे बड़े खिलाड़ी के गोद में था।” सरफराज़ ने पहले भी कई बार कहा है कि वह धोनी के प्रशंसक हैं और उन्हीं की तरह फिनिशर बनना चाहते हैं। सरफराज़ पूर्व भारतीय कप्तान से प्रेरित है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने एक दूसरे के लिए सम्मान दिखाया है। [ये भी पढ़ें: अजहर अली ने टीम इंडिया के प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया]

इसी चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान ऐसे कई वाकये देखने को मिले। इसकी शुरुआत धोनी की इस तस्वीर के साथ हुई थी, जिसके बाद विराट कोहली, युवराज सिंह और धोनी एक और पाकिस्तानी खिलाड़ी अजहर अली के बेटों के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए। अजहर ने भी तीनों खिलाड़ियों को तहे दिल से शुक्रिया कहा। वहीं जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि फाइनल में भारत को हराने के बाद आप उन्हें क्या संदेश देना चाहते हैं तो अजहर ने खेल भावना का प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया की तारीफ की। शायद अब लोगों को भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को जंग ना समझकर केवल खेल की तरह देखना शुरू कर देना चाहिए।