सभी राज्य क्रिकेट संघ लोढ़ा समिति की रिपोर्ट पर अमल करें
cricket bat and bowl photo courtesy cricfrog.com

देश की सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को अपनी बात दोहराते हुए कहा कि सभी राज्य संघों को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) में संरचनात्मक सुधारों की सिफारिश करने वाली न्यायामूर्ति आर.एम.लोढ़ा के नेतृत्व में बनाई गई समिति की रिपोर्ट को अमल में लाना चाहिए। शीर्ष अदालत की प्रधान न्यायाधीश टी.एस.ठाकुर के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने सोमवार को कहा, “एक बार अगर बीसीसीआई में बदलाव आ गया तो सभी क्रिकेट संघों को उसे जुड़े रहने के लिए अपने आप में भी बदलाव करने होंगे। मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग के बाद गठित की गई समिति एक गंभीर काम था, न कि व्यर्थ का काम।”

हरियाणा क्रिकेट संघ द्वारा समिति के निष्कर्ष को महज सिफारिश बताए जाने और उनमें से कुछ को लागू करने में आ रही दिक्कतों को बात पर खंडपीठ ने समिति की सिफारिशों को तुरंत प्रभाव से लागू करने को जरूरी बताया है।

अदालत ने कहा, “अगर हम कहें सिफारिशों को लागू किया जाना चाहिए तो यह सिर्फ सिफारिशें नहीं रहेंगी। इन्हें सिर्फ सिफारिश इसलिए कहा जा रहा था, क्योंकि समिति के कुछ निष्कर्ष बीसीसीआई द्वारा खुद ही लागू कर लिए गए थे, जबकि कुछ लागू नहीं किए गए थे।”

अदालत ने कहा, “न्यायामूर्ति आर.एम. लोढ़ा ने जो कहा है वह दिखावटी नहीं है और दिखवाटी बदलाव की जरूरत नहीं है उससे कई अघिक की जरूरत है।”