SC to hear S. Sreesanth’s plea against life ban imposed by BCCI
S. Sreesanth © PTI

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज शांताकुमार श्रीसंत इस वक्त भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को झेल रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के संबंध में श्रीसंत द्वारा दायर की गई याचिका पर आठ हफ्ते बाद सुनवाई करने का फैसला किया।

बीसीसीआई ने स्पॉट फिक्सिंग के मामले को लेकर 2013 में श्रीसंत के जीवन भर क्रिकेट खेलने पर प्रतिबंध लगाया था। 2015 में श्रीसंत को मामले में बरी कर दिया गया। इसके बाद 2017 में केरल उच्च न्यायालय ने श्रीसंत पर लगे प्रतिबंध को बहाल कर दिया।

श्रीसंत ने केरल उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर एवं डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘याचिका को आठ हफ्ते बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाता है।’’

क्रिकेटर ने पूर्व में न्यायालय से कहा था कि जीवन भर क्रिकेट खेलने पर लगाया गया प्रतिबंध बेहद कड़ी सजा है और वह पिछले पांच साल से नहीं खेल रहे हैं जोकि पर्याप्त सजा है।

गौरतलब है इंडियन प्रीमियर लीग में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए श्रीसंत पर स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा था। तब से अब तक वह खेल के मैदान पर वापसी नहीं कर पाए हैं। केरल की टीम की तरफ से रणजी खेलने वाले श्रीसंत ने 2007 टी-20 विश्व कप में भारत की तरफ से फाइनल मुकाबला खेला था।