आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय महिला बल्लेबाजों की एक न चलने दी. मेजबान टीम ने भारतीय बल्लेबाजों को सस्ते में पवेलियन भेज रिकॉर्ड 5वीं बार वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया. फाइनल से पहले लीग स्टेज के चार मुकाबलों में 161 की बेहतरीन स्ट्राइक रेट से कुल 161 रन बनाने वाली युवा ओपनर शेफाली वर्मा भी फाइनल में फ्लॉप रहीं. वह महज 2 रन बनाकर आउट हो गईं. शेफाली ने विपक्षी बल्लेबाज एलिसा हीली का एक कैच भी टपका दिया जिन्होंने बाद में अर्धशतकीय पारी खेली.

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भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बल्लेबाज एलिसा हीली का कैच टपकाने वाली 16 साल की शेफाली वर्मा का बचाव करते हुए कहा कि हार के लिए किसी एक खिलाड़ी को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते.

शेफाली ने मैच के पहले ओवर में हीली का कैच टपका दिया जिन्होंने 39 गेंद में 75 रन की आतिशी पारी खेलने के अलावा बेथ मूनी (54 गेंद में नाबाद 78) के साथ पहले विकेट के लिए 115 रन की साझेदारी की. जिससे ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट पर 184 रन बनाए. भारतीय टीम बड़े लक्ष्य के दबाव को झेलने में नाकाम रही जिसकी पारी 99 रन पर सिमट गई.

हरमनप्रीत ने कहा, ‘वह (वर्मा) केवल 16 वर्ष की है, वह अपना पहला विश्व कप खेल रही है. उसने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया. महज 16 साल की किशोरी के लिए सकारात्मक सोच रखना और खेल में बने रहना मुश्किल है. यह उसके लिए एक सीख है लेकिन यह किसी के लिए भी हो सकता है. हम उसे दोष नहीं दे सकते क्योंकि उस तरह की स्थिति में दूसरे खिलाड़ी भी थे.’

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बायें हाथ की स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने भी पारी की शुरुआती ओवरों में अपनी ही गेंद पर मूनी का कैच टपका दिया था. हरमनप्रीत ने माना कि इन दो कैचों का छूटना निराशाजनक था.

उन्होंने कहा, ‘हमने शानदार लय में चल रहे बल्लेबाजों को मौका दिया और जब ऐसा होता है तो किसी गेंदबाज के लिए वापसी करना मुश्किल होता है.’ ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में भारत को 85 रन से हराकर अपना खिताब बचाया.