पूर्व भारतीय ऑलराउंडर हेमलता काला (Hemlata Kala) का मानना है कि आक्रामक सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (Shafali Verma) की भूमिका ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के खिलाफ होने वाले डे-नाइट टेस्ट में अहम होगी क्योंकि वो ‘अलग तरह का क्रिकेट खेलती हैं’ और इस वजह से गुलाबी गेंद उनके लिए कोई खास चुनौती नहीं खड़ेगी।

17 साल की शेफाली ने साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू में  दो अर्धशतकीय पारियों (96 और 63) के साथ कुल 159 रन बनाए थे और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनी थी।

भारत के लिए सात टेस्ट मैच खेलने वाली हेमलता ने कहा, ‘‘शेफाली की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मुझे लगता है कि वो रेड-बॉल (टेस्ट क्रिकेट) में सफल होगी क्योंकि उन्हें आक्रामक खेलना पसंद है।’’

इस दौरे के लिए मुख्य चयनकर्ता रही 46 साल की हेमलता ने कहा कि टीम को सफल होने के लिए शेफाली के अलावा अन्य बल्लेबाजों को भी योगदान देना होगा।

भारतीय महिला टीम की ऑस्ट्रेलिया दौरे की प्रसारक ‘सोनी सिक्स’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘‘शेफाली के अलावा हमारे लिए ये जरूरी है कि टीम के अन्य बल्लेबाज भी अच्छा करें क्योंकि हर किसी की तकनीक अलग होती है। मुझे लगता है कि शेफाली की भूमिका महत्वपूर्ण है और वह इस ‘पिंक बॉल’ टेस्ट में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गये टेस्ट से बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि गुलाबी गेंद से टेस्ट खेलने का अनुभव उन्हें भविष्य में मदद करेगा। हमने इंग्लैंड टेस्ट में जो किया उससे बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए और हमें उसी तर्ज पर सोचना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया टेस्ट हमारे लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हम लंबे समय के बाद खेल रहे हैं। हमारे खिलाड़ियों के लिए ये एक नए फॉर्मेट की तरह है। हमारे लिए हर फॉर्मेट महत्वपूर्ण है। 50 ओवर का विश्व कप आ रहा है, इसलिए कौशल को परखने के लिए अच्छा है कि हम टेस्ट मैच खेलें।’’