Shahbaz Nadeem takes another step towards achieving ultimate dream of playing for India
Shahbaz Nadeem (Getty Images)

झारखंड के शाहबाज नदीम  ने विजय हजारे ट्रॉफी के दूसरे दिन राजस्थान के खिलाफ मैच में केवल 10 देकर 8 विकेट झटके। नदीम ने लिस्ट ए क्रिकेट का दो शतक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। नदीम इसे भारत के लिए क्रिकेट खेलने का अपना सपना पूरे करने के सफर में बड़ा कदम मानते हैं।

क्रिकेटकंट्री से बातचीत में नदीम ने कहा, “जब मैने खेलने शुरू किया तो मैं 15 साल का था। मैं अंडर-15 और अपने राज्य के लिए रणजी ट्रॉफी खेल रहा था। मुझे लगता है क्योंकि मैने जल्दी खेलना शुरू कर दिया था इस वजह से मेरे खेल में सुधार हुआ और साथ ही अनुभव भी मिला। मुझे अब भी लगता है कि मेरे सर्वश्रेष्ठ साल आगे आने हैं, जिसमें भारत के लिए खेलना शामिल है।”

विजय हजारे टूर्नामेंट में अपने रिकॉर्ड प्रदर्शन की बात करते हुए इस बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज ने कहा, “इस तरह के प्रदर्शन जिंदगी में एक ही बार होते हैं। मैने कभी नहीं सोचा था कि मैं पहले ही मैच में इस तरह का कुछ कर पाउंगा। मैं ये सोचकर मैच में उतरा था कि मुझे अच्छी गेंदबाजी करनी है। इस तरह के प्रदर्शन आपको आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देते हैं और टूर्नामेंट के पहले मैच में ऐसा प्रदर्शन आना, मैं इससे कुछ बेहतर नहीं मांग सकता था।”

नदीम के पास इस मैच में 10 विकेट लेकर बड़ा रिकॉर्ड लेने का मौका था। नदीम ने बताया कि वो इस बारे में सोच रहे थे, हालांकि आखिरी दो विकेट अनुकूल राय के खाते में गए। उन्होंने कहा, “जब मैने आठवां विकेट लिया तो ये ख्याल मेरे दिमाग में आया था लेकिन ऐसा कुछ नहीं था कि बाकी गेंदबाजों को विकेट लेने से मना कर दिया था क्योंकि मैं 10 विकेट लेने के करीब था। मैने अनुकूल से गेंदबाजी जारी रखने के लिए कहा। अगर मुझे बाकी दो विकेट मिलते हैं तो अच्छी बात नहीं तो मैं अपनी उपलब्धि के खुश था। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि मुझे 10 विकेट नहीं मिले क्योंकि 8 विकेट बुरे नहीं हैं।”