shahid afridi hard comment on politics in sports in pakistan

पाकिस्तान को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच में 246 रन की बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर समाप्त हुई। बाबर आजम की कप्तानी वाली टीम ने पहले टेस्ट मैच की चौथी पारी में 342 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया था। हालांकि दूसरे टेस्ट में उन्हें 508 रन का टारगेट मिला था जिसे उनकी टीम हासिल नहीं कर पाई। पाकिस्तान की पूरी टीम 261 रन पर आउट हो गई थी। बाबर आजम अपनी टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उन्होंने सबसे ज्यादा 81 रन बनाए।

दूसरे टेस्ट मैच में अपने प्रदर्शन के लिए पाकिस्तानी टीम के बल्लेबाजी क्रम, खास तौर पर मिडल ऑर्डर को काफी आलोचनाओं का सामना कर पड़ रहा है। फवाद आलम को अजहर अली की जगह शामिल किया गया था लेकिन वह भी दूसरी पारी में सिर्फ 1 रन बनाकर रनआउट हो गए थे। विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान भी लगातार कम स्कोर बनाने के चलते आलोचकों के निशाने पर हैं। उन्होंने 37 रन बनाए थे। आगा सलमान भी पहले टेस्ट के अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाए। वह सिर्फ चार रन बनाकर लौटे।

रिजवान, हालांकि खासतौर पर काफी निशाने पर हैं। फैंस के साथ पूर्व क्रिकेटर्स भी इस विकेटकीपर के प्रदर्शन पर सवाल उठा रहे हैं। रिजवान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में सेंचुरी लगाई थी, रिजवान ने इसके बाद तीन टेस्ट मैचों में एक बार भी पचास का आंकड़ा पार नहीं कर पाए। उन्होंने 1, 0, 19, 40, 24, और 37 रन बनाए हैं। पाकिस्तान के पू्र्व कप्तान सरफराज अहमद भी इस टीम का हिस्सा थे। हालांकि उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। सरफराज ने अपना आखिरी टेस्ट मैच तीन साल पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था।

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी का मानना है कि चूंकि रिजवान कम स्कोर बना रहे हैं ऐसे में उन पर थोड़ा दबाव बनाया जाना चाहिए। उन्होंने समां टीवी के साथ बातचीत में कहा, ‘आपको दबाव बनाए रखना चाहिए। बेंच स्ट्रेंथ जितना ज्यादा मजबूत होगी खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को लेकर उनता अधिक ध्यान रखेगा। रिजवान प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं और मुझे लगता है कि इस तरह के दौरों पर सरफराज को मौका दिया जा सकता था।’

जब ऐंकर ने जब यह पूछा कि क्या सरफराज को टीम में चुनने की एक वजह उनका कराची से होना भी है। क्योंकि पाकिस्तान में शहरों को लेकर भी काफी राजनीति होती है। इस पर अफरीदी ने कहा कि पाकिस्तान में हर चीज में राजनीति होती है।

उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान में सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां हर चीज में राजनीति चली आती है।’ उन्होंने कहा कि यहां लोग हर बात में राजनीति ले आते हैं। यहां तक कि बाढ़ जैसे मुद्दों में राजनीति ले आते हैं।

अफरीदी ने कहा, ‘शहरों को लेकर पक्षपात की बात काफी समय से चली आ रही है। कोई कहेगा, ‘कोई कहेगा यही कहेगा यह बंदा कराची से है, या यह बंदा लाहौर से है।’ मुझे नहीं लगता कि यह सब होना चाहिए। इनसान के बच्चे बन जाएं तो बेहतर होगा।’