Shane Bond: No doubt Jasprit Bumrah will have a massive impact during Test Series
Jasprit Bumrah with Virat Kohli @ AFP

न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज शेन बांड (Shane Bond) ने कहा कि उनकी टीम ने जिस तरह से भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) का पारंपरिक तरीके से सामना किया उससे दूसरी टीमें सीख लेंगी।

बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ (India vs New Zealand) वनडे सीरीज में एक भी विकेट नहीं ले सके थे। सीरीज में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहने पर बुमराह को आलोचना का सामना करना पड़ा लेकिन बांड ने उनका बचाव किया।

पढ़ें:- टेस्‍ट सीरीज से पहले ट्रेंट बोल्‍ट ने भरी हूंकार, ‘विराट को आउट करने के लिए और इंतजार नहीं कर सकता’

बांड ने कहा, ‘‘जब आपके पास जसप्रीत बुमराह की तरह का गेंदबाज हो तो जाहिर है उससे काफी उम्मीदें होंगी। मुझे लगता है कि न्यूजीलैंड ने उन्हें खतरा माना और उनका सामना सही तरीके से किया। उन्होंने उसका सामना पारंपरिक तरीके से किया। उनके (बुमराह) साथ टीम में अनुभवहीन गेंदबाज (नवदीव सैनी और शार्दुल ठाकुर) थे जिसका फायदा न्यूजीलैंड को हुआ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब हर टीम उन्हें खतरे की तरह देखेगी और दूसरे गेंदबाज के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाएंगी।’’

बांड ने हालांकि कहा कि भारतीय टीम सीरीज 0-3 से हार गयी लेकिन बुमराह की गेंदबाजी बुरी नहीं थी। ‘‘आप मैच में अच्छा करना चाहते हैं। उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन कई बार आपको विकेट नहीं मिलता।’’

पढ़ें:- ICC T20I Ranking: विराट कोहली को हुआ नुकसान, केएल राहुल-रोहित शर्मा टॉप-15 में बरकरार

आईपीएल में मुंबई इंडियन्स के गेंदबाजी कोच के तौर पर बुमराह के साथ समय बिताने वाले बांड ने कहा कि यह भारतीय गेंदबाज दो टेस्ट की आगामी सीरीज में ‘काफी प्रभाव’ डालेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप खराब प्रदर्शन से वापसी करते हैं तब लय हासिल करना हमेशा मुश्किल होता है। उसे इस सीरीज से पहले ज्यादा मैचों में खेलने का मौका नहीं मिला। न्यूजीलैंड ने वनडेे सीरीज में अच्छे से उसका सामना किया लेकिन टेस्ट मैचों में उनका काफी प्रभाव होगा। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है।’’

न्यूजीलैंड को उनके घरेलू मैदान में हराना काफी मुश्किल होता है और बांड को उम्मीद है कि विलियमसन पांच तेज गेंदबाजों के साथ मैच में जाएंगे। ‘‘ न्यूजीलैंड की विकेट के बारे में सबसे बड़ी बात यह है कि यहां गेंद स्पिन नहीं होती है। जो भी टाॅस जीतता है वह पहले गेंदबाजी करना चाहता है क्योंकि पहले दिन पिच से सबसे ज्यादा मदद मिलती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर न्यूजीलैंड की टीम बिना किसी स्पिनर के मैच में उतरे तो भी मुझे आश्चर्य नहीं होगा। मैं भी स्पिनर को टीम में नहीं रखना चाहूंगा क्योंकि उसका काम सिर्फ रनगति पर अंकुश लगाना होता है।’’