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ऑस्ट्रेलिया टीम के कोच बनना चाहते हैं शेन वॉर्न

पूर्व ऑस्ट्रेलिया क्रिकेटर ने कहा कि अगर डैरन लेहमेन चाहेंगे तो वो मुख्य कोच जरूर बनेंगे।

Edited By : Gunjan Tripathi |Dec 26, 2017, 04:14 PM IST

Published On Dec 26, 2017, 04:14 PM IST

Last UpdatedDec 26, 2017, 04:14 PM IST

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न © Getty Images

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के प्रमुख कोच डैरन लेहमेन ने हाल ही में बयान दिया था कि एशेज सीरीज खत्म होने के बाद वो अपना पद छोड़ देंगे। लेहमेन के इस बयान के बाद से ही ऑस्ट्रेलिया के नए कोच के नामों की चर्चा शुरू हो गई है, जिसमें सबसे ऊपर शेन वॉर्न का नाम है। वहीं वॉर्न ने भी ये बयान दे दिया है कि वो ऑस्ट्रेलिया टीम का कोच बनना पसंद करेंगे। पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि एक इंटरव्यू के दौरान कहा, “मैं कोचिंग को लेकर हमेशा ही आगे रहा हूं लेकिन निजी तौर पर मैं ऑस्ट्रेलिया का कोच बनना पसंद करूंगा, ना केवल कोच बल्कि मैं किसी भी भूमिका में ऑस्ट्रेलिया टीम का हिस्सा बनना पसंद करूंगा।”

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वॉर्न के साथ साथ असिसटेंट कोच डेविड सेकर और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया टीम के कोच जस्टिन लेंगर का नाम भी मुख्य कोच पद के लिए आगे है। वॉर्न ने आगे बात करते हुए कहा, “हमारे आस पास कितने अच्छे कोच हैं, कितने बढ़िया गेंदबाजी कोच हैं, कितने बेहतर बल्लेबाजी कोच हैं, जिन्हें मौका दिया जाता है। इसलिए अगर मुझे मौका मिलता है तो मैं उसे लेना चाहूंगा, ये सब समय पर भी निर्भर करता है। अगर बूफ(डैरन लेहमेन) थक गया होगा तो वो कहेगा कि ‘तुम्हें ये करना है” और मैं हां कह दूंगा।”

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वॉर्न हमेशा खेल से जुड़े रहते हैं। ना सिर्फ क्रिकेट बल्कि टेनिस और गोल्फ में भी उनकी खासी दिलचस्पी है। वॉर्न ने अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात करते हुए कहा, “ऑस्ट्रेलिया के लिए 20 साल क्रिकेट खेलने के बाद मैं अपने खेल का मजा नहीं ले पा रहा था। शरीर में काफी दर्द होने लगा था। इसके बाद मैने चार साल आईपीएल खेला, दो साल बिग बैश लीग खेला, इसलिए लगता है कि शायद मैं कुछ साल और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकता था। लेकिन घर से दूर रहना मेरे लिए मुश्किल हो रहा था और मैं अपने बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताना चाहता था, वो बड़े हो गए हैं। इसलिए सारी बातों को ध्यान में रखकर मैने ये फैसला लिया। इसमें मेरा परिवार और मेरा शरीर सबसे बड़े कारण हैं।”

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