Shantha Rangaswamy: Will BCCI have guts to treat MS Dhoni, Virat Kohli in the Mithali Raj way
Mithali Raj (File Photo) @ PTI

महिला वर्ल्‍ड टी-20 के सेमीफाइनल मुकाबले में कप्‍तान हरमनप्रीत कौर ने टीम की सीनियर खिलाड़ी मिताली राज को प्‍लेइंग इलेवन से बाहर रखने का फैसला किया था। पूर्व महिला क्रिकेटर शांता रंगास्‍वामी ने इसपर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्‍या बीसीसीआई महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के साथ ऐसा बर्ताव करने की हिम्‍मत रखता है।

भारत को सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्‍ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। हरमनप्रीत के फैसले की चारों तरफ से आलोचना हो रही है। शांता रंगास्‍वामी ने स्‍पोर्ट्स स्‍टार से बातचीत के दौरान कहा, “बेहद दुख की बात है कि टीम की वरिष्‍ठ खिलाड़ी मिताली राज को सेमीफाइनल मुकाबले से बाहर कर दिया गया। उन्‍होंने इस बाबत बाद में बीसीसीआई को मेल किया था। ये मेल लीक कैसे हो गया।”

शांता रंगास्‍वामी ने भारतीय महिला टीम के लिए 16 टेस्‍ट और 19 वनडे मुकाबले खेले हैं। उन्‍होंने कहा, “ऐसा लग रहा है कि लोग अपने निजी बदले ले रहे हैं। इस मामले में कोच रमेश पोवार की जिम्‍मेदारी बनती है। उन्‍हें जवाब देना चाहिए कि क्‍यों एक सीनियर खिलाड़ी के साथ इस तरह का बर्ताव किया गया। भले ही ड्रेसिंग रूम हो या डगआउट आप एक खिलाड़ी के साथ ऐसा बर्ताव नहीं कर सकते हैं।”

बीसीसीआई को लिखे अपने पत्र में मिताली राज ने कहा, “20 साल लंबे करियर में मैं पहली बार खुद को डिप्रेशन में महसूस कर रही हूं। कोच रमेश पोवार ट्रेनिंग सेशन के दौरान मुझे नीचा दिखाने का प्रयास करते हैं।”

शांता रंगास्‍वामी ने कहा, “अब बीसीसीआई का कार्यभार सीओए विनोद राय के पास है। मुझे लगता है विनोद राय को इस मामले में भूमिका निभानी चाहिए। मिताली से जुड़ा ये विवाद इकलौता मामला नहीं है। ये काफी बड़ा मसला है। क्‍या बीसीसीआई में इतनी हिम्‍मत है कि वो धोनी और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के साथ ऐसा बर्ताव कर सके।”

शांता रंगास्‍वामी का माना है कि भारत ने वेस्‍टइंडीज में खेले गए महिला टी-20 विश्‍व कप में अच्‍छा प्रदर्शन किया। टीम ग्रुप स्‍तर के अपने सभी मैच जीती। हालांकि सेमीफाइनल में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा।