ब्रिसबेन टेस्‍ट में भारतीय टीम के लिए शार्दुल ठाकुर 67 और वाशिंगटन सुंदर 62 संकटमोचक साबित हुए। बेहद मुश्किल वक्‍त पर दोनों ने भारत के लिए साथ मिलकर शतकीय साझेदारी बनाई और ऑस्‍ट्रेलिया को परेशानी में डाले रखा। तीसरे दिन का खेल खत्‍म होने के बाद शार्दुल ठाकुर ने बताया कि बल्‍लेबाजी के दौरान रवि शास्‍त्री की एक बार उनके जहन में थी।

उन्‍होंने पत्रकारों से कहा, “जब मैं बल्‍लेबाजी के लिए आया तो ऑस्‍ट्रेलिया का क्राउड शोर मचा रहा था. तभी मुझे याद आया कि रवि शास्‍त्री ने मुझे कहा था – जब तुम अच्‍छा प्रदर्शन करोगे तो हर कोई तुम्‍हें प्‍यार करने लगेगा. बस यही बीत पारी के दौरान दिमाग में थी और इसी ने भारत की मदद भी की.”

वाशिंगटन सुंदर के साथ 123 रनों की साझेदारी पर शार्दुल ठाकुर बोले, “हम दोनों में इस स्‍तर पर प्रदर्शन करने की काबिलियत है. सच बताऊं तो हम स्‍कोरबोर्ड की तरफ नहीं देख रहे थे. हम केवल पिच पर थोड़ा समय बिताना चाहते थे. हमें पता था कि ऑस्‍ट्रेलिया के गेंदबाज थोड़ा थक रहे हैं. हमें केवल एक घंटा बिताने की जरूरत है.

“अगर हम एक और घंटा पिच पर बिताते तो शायद हम टॉप पर होते क्‍योंकि उनके गेंदबाज पहले ही थक चुके थे. हम दोनों पिच पर एक दूसरे के साथ अच्‍छा संवाद कर पा रहे थे. जब भी हम दोनों में से कोई अपना आपा खो रहा था या फिर खराब शॉट खेल रहा था तो दूसरा साथी उसे इसका अहसास कराने आता था.”