शशांक मनोहर © AFP
शशांक मनोहर © AFP

शशांक मनोहर ने आईसीसी चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ दिया है। मनोहर के इस फैसले से क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है। उन्हें पिछले साल मई में इस पद के लिए निर्विरोध चुना गया था। मनोहर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल के पहले स्वतंत्र चेयरमैन थे। उन्हें दो साल के लिए इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मनोहर इससे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष थे। आईसीसी चेयरमैन पद के लिए चुनाव होने पर उन्होंने तत्काल बीसीसीआई से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि आईसीसी चेयरमैन के पद से उनके इस्तीफा देने की वजह सामने नहीं आई है।

शशांक मनोहर ने 2008-11 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष पद पर काम किया है। साल 2015 में उन्हें दोबारा बीसीसीआई अध्यक्ष चुना गया। इस दौरान अपनी साफ छवि और काम के लिए मनोहर को आईसीसी चेयरमैन पद के लिए भी चयनित किया गया। मनोहर आईसीसी चेयरमैन के पद के लिए पहली पसंद थे। गौरतलब है कि पिछले दिनों जब बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिन अजय शिरके को सर्वोच्च न्यायालय ने पद से हटाया था तब मनोहर ने इस फैसले का समर्थन किया था। माना जाता रहा है कि मनोहर और ठाकुर के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद है। इस समय जब बीसीसीआई का अध्यक्ष पद रिक्त है मनोहर के इस्तीफे के कई मायने हो सकते हैं। [ये भी पढ़ें:इतिहास के पन्नों से: 140 साल पहले आज के दिन खेला गया था पहला टेस्ट मैच ]

मनोहर के अचानक लिए फैसले के बाद क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। क्रिकेट विशेषज्ञ हर्शा भोगले ने मनोहर के इस फैसले को अप्रत्याशित बताया है। हालांकि आईसीसी की ओर से इस पर कोई टिप्पणी नही आई है। वहीं मनोहर का कहना है कि उन्होंने निजी कारणों के चलते इस्तीफा दिया है। प्रतिष्ठित अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक आईसीसी के चीफ डेविड रिचर्डसन को दिए आधिकारिक पत्र में उन्होंने कहा, “मैंने बोर्ड के फैसलों और सभी मुद्दों पर सारे बोर्ड सदस्यों के मतों को साथ लेकर निष्पक्ष रहने की कोशिश की है। हालांकि कुछ निजी कारणों की वजह से मेरे लिए अब इस पद पर बने रहना संभव नहीं है। इसलिए मैं अपना इस्तीफा तत्काल प्रभाव से आपकों सौंप रहा हूं। मै इस अवसर पर सभी डायरेक्टर्स, मैनेजमेंट स्टॉफ और अन्य सभी सदस्यों को धन्यवाद देना चाहूंगा। मेरी शुभकामनाएं है कि आईसीसी भविष्य में कामयाबी की ऊंचाईयों तक पहुंचे।”