- Home
- News
- she is not bigger than the game madan lal blast on harmanpreet kaur behaviour after ind w vs ban w match
'वह खेल से बड़ी नहीं है...', हरनप्रीत कौर के व्यवहार पर भड़के 1983 विश्व कप विजेता खिलाड़ी मदन लाल
हरमनप्रीत कौर के व्यवहार की खूब आलोचना हो रही है.पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने भी कौर के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं.
Published On Jul 24, 2023, 12:32 PM IST
Last UpdatedJul 24, 2023, 12:32 PM IST
Harmanpreet Kaur (Image Source: Twitter)
हरमनप्रीत कौर चर्चा में है. और इस बार कारण अच्छा नहीं है. बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरे मैच के बाद हरमनप्रीत के व्यवहार की आलोचना हो रही है. तीसरे मैच में अंपायर द्वारा आउट दिए जाने के बाद नाराज हरमनप्रीत ने अपना बल्ला विकेटों पर दे मारा था.
हरमनप्रीत कौर ने की अंपायरिंग की आलोचना
कौर ने इसके बाद खुलकर अंपायरिंग की आलोचना भी की थी. उन्होंने कहा था कि अगली बार जब उनकी टीम बांग्लादेश आएगी तो इस (अंपायरिंग) के लिए भी तैयार होकर आएगी.
निगार सुल्तान पर भी निशाना
हरमनप्रीत कौर यहीं नहीं रुकीं. मैच के बाद उन्होंने बांग्लादेशी कप्तान निगार सुल्ताना से यह भी कहा कि वह (निगार) यहां ट्रॉफी साझा करने की हकदार नहीं हैं क्योंकि आखिरी मैच में अंपायर्स ने उनकी मदद की है. कौर ने सुल्ताना से यह भी कहा कि उन्हें अंपायर्स को भी मंच पर बुला लेना चाहिए क्योंकि उन्होंने आखिरी मैच में अंपायर्स की मदद की है.
हरमनप्रीत पर भड़के मदन लाल
भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने हरमनप्रीत कौर की इस हरकत के लिए आलोचना की है. उन्होंने कहा कि आखिरी मैच में हरमनप्रीत कौर ने जिस तरह का व्यवहार किया वह बहुत खराब था. मदन लाल ने यह भी कहा कि वह (हरमनप्रीत कौर) खेल से बड़ी नहीं हैं.
1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे मदन लाल ने ट्वीट किया, ‘बांग्लादेश टीम के साथ हरमनप्रीत कौर का व्यवहार बहुत खराब था. वह खेल से बड़ी नहीं हैं. उन्होंने भारतीय क्रिकेट का नाम खराब किया था. बीसीसीआई को भी उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाही करनी चाहिए.’
बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना ने भी हरमनप्रीत के व्यवहार की आलोचना की. निगार ने कहा कि हरमनप्रीत को बेहतर व्यवहार करना चाहिए था.
निगार ने कहा, ‘यह पूरी तरह से हरमनप्रीत कौर की समस्या है. मेरा उससे कोई वास्ता नहीं है. एक खिलाड़ी के तौर पर उन्हें बेहतर व्यवहार दिखाना चाहिए था. मैं आपको यह नहीं बता सकती कि क्या हुआ लेकिन मुझे यह ठीक नहीं लगा कि मैं अपनी टीम को लेकर वहां रहती. इस वजह से मैं वापस गई. क्रिकेट अनुशासन और सम्मान का खेल है.’