Shikhar Dhawan wary of Bangladesh in the Asia Cup final
shikhar dhawan © Getty Images (file photo)

भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर शिखर धवन ने बांग्‍लादेश की सराहना करते हुए कहा है कि एशिया कप फाइनल में टीम इंडिया इस विपक्षी को कतई हल्‍के में लेने की भूल नहीं करेगी।

भारत और बांग्‍लादेश की टीमें दुबई में शुक्रवार को खिताबी मुकाबले में आमने-सामने होंगी।

फाइनल से एक दिन पूर्व धवन ने कहा, ‘ बांग्‍लादेश की टीम संतुलित है। वो ये बात अच्‍छी तरह जानते हैं कि उनकी मजबूती क्‍या है। उसी के अनुसार वो खेलते हैं। पिछले कुछ समय से उनके खेल में निखार आया है और वो एक अच्‍छी टीम है। बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग में। जब आप सभी विभागों में अच्‍छे हैं तो परिणाम स्‍वत: अच्‍छा आएगा।’

बांग्‍लादेश ने बुधवार को सुपर फोर के आखिरी मैच में पाकिस्‍तान को 37 रन से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल का टिकट कटाया है। ओवरऑल तीसरी बार बांग्‍लादेश की टीम फाइनल में पहुंचने में सफल रही है।

बकौल धवन, ‘ बांग्‍लादेश लगातार अच्‍छा कर रही है। वो फाइनल में है। घर में (बांग्‍लादेश) उन्‍हें हराना मुश्किल है। उन्‍होंने कई बार इसे साबित भी किया है। उनकी टीम में अनुभवी खिलाड़ी हैं और वो ये बात अच्‍छी तरह जानते हैं कि दबाव में किस तरह खेला जाता है। बड़ी टीमों के खिलाफ भी वो दबावमुक्‍त होकर खेलते हैं। ये बांग्‍लादेश टीम के लिए अच्‍छी बात है।’

सुपर फोर वाले गेम प्‍लान के साथ उतरेगी टीम इंडिया

यह पूछने पर कि फाइनल में बांग्‍लादेश के खिलाफ टीम कोई विशेष तैयारी के साथ उतरेगी इस पर धवन ने कहा, ‘ कल, हम उसी गेम प्‍लान के साथ उतरेंगे जिसके साथ हम सुपर फोर में उतरे थे। व्‍यक्तिगततौर पर हम अपने उसी प्‍लान के साथ बने रहेंगे।’

‘सब कुछ देने के बाद भी इंग्लैंड में अच्छा नहीं कर पाया’ 

शिखर धवन ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनकी खराब फॉर्म ‘शर्म की बात नहीं’ है क्योंकि अपना सब कुछ देने के बाद भी उनकी योजनाओं ने काम नहीं किया।

वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए भारत की टेस्ट टीम में धवन का स्थान खतरे में है लेकिन यह सलामी बल्लेबाज इसे लेकर परेशान नहीं है।

सीमित ओवरों के क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन की बदौलत अतीत में टेस्ट टीम में वापसी करने वाले धवन मौजूदा एशिया कप में भी अच्छी फॉर्म में हैं।

धवन ने कहा, ‘ मुझे लगता है कि जब भी आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो इससे मदद मिलती है। अगर फायदा होना होगा तो हो जाएगा, नहीं होना होगा तो नहीं होगा। मैं लाल गेंद से खेलूं या फिर सफेद से, मैं खेल की अपनी समझ का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करता हूं।’

स सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘ अगर आप इंग्लैंड टेस्ट की बात करें तो मैंने अच्छा नहीं किया लेकिन मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। अन्य खिलाड़ी मेरे से बेहतर खेले। मैं इसे स्वीकार करता हूं। इसमें कोई शर्म नहीं है। इसके बाद मैं यहां सफेद गेंद से क्रिकेट खेलने आया, अलग हालात के कारण मेरी योजनाएं अलग थीं। कभी ये काम करती हैं और कभी नहीं।’