Shoaib Akhtar backs Shahid Afridi’s claims of harsh treatment by seniors in Pakistan team
Shahid Afridi with Shoaib Akhtar @AFP

पाकिस्‍तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने अपने पूर्व साथी शाहिद आफरीदी का समर्थन करते हुए कहा है कि वह इस पूर्व ऑलराउंडर के साथ कुछ सीनियर खिलाड़ियों द्वारा किए गए बुरे बर्ताव का गवाह रहे हैं।

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आफरीदी ने अपनी आत्मकथा ‘गेम चेंजर’ में दावा किया गया है कि जब वह खेला करते थे तब कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया। इस संबंध में उन्होंने पूर्व कोच जावेद मियांदाद का उदाहरण दिया जिन्होंने उनके अनुसार उन्हें 1999 में भारत के खिलाफ चेन्नई टेस्ट मैच के पूर्व नेट्स पर बल्लेबाजी नहीं करने दी थी।

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अख्तर ने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘मुझे लगता है कि शाहिद आफरीदी के साथ सीनियर खिलाड़ियों द्वारा किये गए बुरे बर्ताव के बारे में उन्‍होंने कम लिखा है। मैंने इनमें कुछ घटनाएं अपनी आंखों के सामने देखी हैं और उससे पूरी तरह सहमत हूं।’

उन्होंने दावा किया कि इनमें से दस खिलाड़ियों ने बाद में उनसे माफी मांगी थी।

इससे पहले आफरीदी ने अंतत: अपनी उम्र को लेकर बना रहस्य खत्म करते हुए खुलासा किया था कि उनका जन्म 1975 में हुआ था ना कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1980 में। आफरीदी की आत्मकथा में इस खुलासे का मतलब है कि 1996 में नैरोबी में जब उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ रिकॉर्ड 37 गेंद में शतक जड़ा था तो वह 16 साल के नहीं थे।

आफरीदी ने अपनी आत्मकथा में लिखा, ‘मैं सिर्फ 19 साल का था, 16 साल का नहीं जैसा कि उन्होंने दावा किया। मेरा जन्म 1975 में हुआ। इसलिए हां, अधिकारियों ने मेरी उम्र गलत लिखी।’ आफरीदी का 19 साल का होने का दावा भ्रम पैदा करने वाला है क्योंकि अगर वह 1975 में पैदा हुए तो उनकी उम्र रिकॉर्ड शतक के दौरान 21 साल होनी चाहिए। उन्होंने 27 टेस्ट, 398 वनडे और 99 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।