पाकिस्तान टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने 2005 के उस ऑस्ट्रेलियाई दौरे को याद किया जब उन पर रेप का आरोप लगा था। आरोपों की वजह से शोएब को अनफिट बताकर 2005 की ऑस्ट्रेलिया सीरीज से वापस पाकिस्तान भेजा गया था।

हेलो एप पर बातचीत के दौरान शोएब ने कहा, “मुझ पर तब रेप का आरोप लगाया गया था। पाकिस्तान टीम का कोई और लड़का था, जिसे एक लड़की के साथ गलतफहमी हो गई थी। पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट ने लड़के की करतूत को छुपा दिया।इसको लेकर अब विवाद शुरू हो सकता है। सेक्शुअल असॉल्ट का केस था, सब ने कहा अख्तर भाई ही होंगे, लोगों ने कहा ये पार्टी ब्वॉय है, प्ले ब्वॉय है।”

उन्होंने कहा, “मैं आपको बता रहा हूं वो क्रिकेटर उस समय का सबसे शरीफ लड़का था, टीम को उसका नाम पता चल गया। मैंने पीसीबी से बाद में कहा कि आपको उसका नाम नहीं बताना मत बताओ सबको लेकिन मेरा नाम इस मामले से क्लियर करिए। पीसीबी ने ना उस खिलाड़ी का नाम बताया और ना मेरा ना क्लियर किया।”

जनवरी 2005 में मीडिया के सामने आए इस मामले पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कोई कार्यवाही नहीं की थी। पीसीबी की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया था कि बोर्ड को इस तरह के किसी की मामले की आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। और आधिकारिक शिकायत दर्ज ना किए जाने की वजह से बोर्ड किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ जांच नहीं कर सकता था।”

इस बुरे अनुभव के बाद भी अख्तर ऑस्ट्रेलिया को दौरा करने के लिए अपना सबसे पसंदीदा देश बताते हैं। उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका मेरे लिए सबसे कठिन टीम थी, मैं इसका भी आनंद लेता था। मुझे लगा कि गेंदबाजी उनके लिए आसान नहीं थी। गाबा, दिल्ली, केपटाउन मेरे पसंदीदा मैदान थे। मुझे कोलकाता में खेलने में सबसे ज्यादा मजा आया।”

मेरा सामना करना वाले सबसे साहसी बल्लेबाज थे सौरव गांगुली

पूर्व तेज गेंदबाज अख्तर ने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और मौजूदा बोर्ड अध्यक्ष सौरव गांगुली की जमकर तारीफ की। उन्होंने गांगुली को साहसी बल्लेबाज कहा।

अख्तर ने कहा, “सौरव भारतीय टीम में बदलाव लाने वाले मुख्य व्यक्ति थे। वो मुझे डरते नहीं थे, मेरा सामना करने वाले सबसे बहादुर बल्लेबाज थे गांगुली।”

मौजूदा समय में नस्लवाद को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन पर बात करते हुए अख्तर ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर भारत या पाकिस्तान में भी इस तरह के व्यवहार का सामना नहीं किया।

उन्होंने कहा, “सचिन कोलकाता में रन आउट हुए, लोगों ने समझा कि मेरी गलती थी। अन्यथा, मुझे इस तरह से कुछ करने की जरूरत नहीं होती। 2004 में मुझे डर था कि दोनों देशों के उत्साही लोगों के कारण ऐसा(विवाद) हो सकता है लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। ना तो मैंने भारत में, ना पाकिस्तान में, ना ही ऑस्ट्रेलिया में मैंने इसका (नस्लवाद) अनुभव किया।”