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ENG vs IND: जीत के बाद गिल ने इंग्लैंड की 'खासियत' पर साधा निशाना, बोले गेंदबाजों के लिए...

शुभमन गिल ने एजबेस्टन टेस्ट में भारत की जीत के बाद इंग्लैंड को दो खासियत पर निशाना साधा है. भारतीय टीम ने टेस्ट मैच जीता लेकिन गिल को इंग्लैंड की विशेषता माने जाने वाली इन बातों से नाराज होते देखा गया.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - July 7, 2025 8:17 AM IST

बर्मिंगम: भारतीय कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill in Edgbaston Test) ने इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले गए टेस्ट मैच में कमाल का प्रदर्शन किया. हालांकि कुछ बातों को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी भी जाहिर की. इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट ड्यूक्स की गेंद (Dukes Balls in England) से खेला जाता है. और जितनी तेजी से यह गेंद खराब हो रही है उससे भारतीय कप्तान नाखुश दिखे. इसके साथ ही इंग्लैंड में अभी तो दो टेस्ट मैचों में जिस तरह की सपाट पिचें मिली हैं उससे भी गिल सहमत नहीं हैं.

गिल ने अब तक खेली गई चार पारियों में करीब 600 रन (Gill Double Century in Birmingham) बनाए हैं. लेकिन उनका मानना ​​है कि पिचों में गेंदबाजों के लिए कुछ होना चाहिए. ड्यूक्स की क्वॉलिटी भी मदद नहीं कर रही है और 30 ओवर के बाद ‘सॉफ्ट’ गेंदें टीमों को आक्रामक होने के लिए मजबूर कर रही हैं.

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बहुत जल्दी खराब हो रही हैं Dukes Ball

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘गेंदबाजों के लिए यह बहुत मुश्किल है. मुझे लगता है कि विकेट से अधिक, गेंद शायद बहुत जल्दी खराब हो जाती है. यह बहुत जल्दी नरम हो जाती है. मुझे नहीं पता कि यह क्या है, यह विकेट हो या कुछ और. पर गेंदबाजों के लिए यह मुश्किल है. और ऐसी परिस्थितियों में विकेट लेना बहुत मुश्किल है, जहां उनके लिए कुछ भी नहीं है.’

बता दें कि ड्यूक्स की गेंदें आमतौर पर गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती रही हैं. ये लंबे वक्त तक स्विंग होने की अपनी खासियत के चलते काफी प्रसिद्ध रही हैं ऊपर से इंग्लैंड की परिस्थितियां भी स्विंग गेंदबाजी (England Swing Bowling) के लिए माकूल मानी जाती रही हैं. लेकिन अभी तक खेले गए दोनों टेस्ट मैचों में ऐसा देखने को नहीं मिला. कई जानकार इसके पीछे इंग्लैंड के बैजबॉल (Bazball in England)- यानी आक्रामक बल्लेबाजी करने के चलन को एक कारण मानते हैं. ताकि उसके बल्लेबाजों के खेल के हिसाब से पिचें व्यवहार करें. हेडिंग्ले में इंग्लैंड ने 371 रन का लक्ष्य हासिल कर इसे सही भी साबित किया था. लेकिन बर्मिंगम में यह दांव उल्टा पड़ गया.

गिल ने कहा- मैच पर काबू रखना मुश्किल

भारतीय कप्तान ने माना कि इन परिस्थितियों में विकेट लेने आसान (Bowlers in England) नहीं है. और ऐसे में मैच पर काबू रखना भी मुश्किल होता है. गिल ने कहा, ‘और एक टीम के रूप में जब आप जानते हैं कि ऐसी परिस्थितियों में विकेट लेना मुश्किल है तो बहुत सी चीजें आपके नियंत्रण से बाहर होती हैं. गेंदबाजों के लिए थोड़ी मदद होनी चाहिए. अगर गेंद कुछ मूवमेंट कर रही है तो आप किसी तरह से कुछ योजना बना सकते हैं और तभी खेलना मज़ेदार होता है.’

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘अगर आपको पता है कि केवल पहले 20 ओवर में ही कुछ ही होगा तो उसके बाद आप पूरे दिन डिफेंसिव रहते हैं. आप पूरे दिन यह सोचते रहते हैं कि रन कैसे रोकें. तब खेल का सार इसमें नहीं दिखता.’

शुभमन गिल ने पिच पर साधा निशाना

कप्तान के तौर पर अपना पहला टेस्ट जीतने के बाद गिल ने इंग्लैंड की पिचों पर टिप्पणी करते हुए मजाकिया पक्ष भी देखा. उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘हां, जैसे हम भारत में खेलते हैं, उनमें से अधिकांश बल्लेबाजी के अनुकूल हैं. यहां आकर और कुछ समय के लिए अच्छी पिचें पाकर अच्छा लगता है.’

हालांकि उन्हें उम्मीद नहीं है कि 10 जुलाई से लॉर्ड्स में शुरू (India vs England Lord’s Test) होने वाले तीसरे टेस्ट में पिच लीड्स या एजबेस्टन की तरह सपाट होगी.

लॉर्ड्स में लौटेंगे जसप्रीत बुमराह

उन्होंने कहा, ‘हम देखेंगे कि वे लॉर्ड्स को किस तरह का विकेट दे रहे हैं. मुझे नहीं लगता कि वे इतना सपाट विकेट देंगे. हम वहां जाएंगे और देखेंगे कि यह किस तरह का विकेट है और तय करेंगे कि सबसे अच्छा संभव कॉम्बिनेशन क्या है.’

गिल ने यह भी पुष्टि की कि जसप्रीत बुमराह वर्कलोड मैनेजमेंट (Workload Management) के अंतर्गत एजबेस्टन में आराम दिए जाने के बाद लॉर्ड्स में खेलेंगे.