Simon Taufel: DRS make umpires feel bit embarrassed and humiliate in front of millions of people
Simon Taufels (File Photo) © Getty Image

पूर्व अंतरराष्‍ट्रीय अंपायर साइमन टॉफेल का मानना है कि डिसीजन रिव्‍यू सिस्‍टम (DRS) के आने से फील्‍ड अंपायरों काे लाखों लोगों के सामने ही अपने गलत फैसले के लिए शर्मिंदा होना पड़ता है। मूल रूप से ऑस्‍ट्रेलिया के रहने वाले टॉफेल को आईसीसी ने पांच बार अंपायर ऑफ द ईयर का खिताब दिया।

साइमन टॉफेल ने साल 1999 से 2012 तक अपने करियर के दौरान 74 टेस्‍ट, 174 वनडे और 34 टी-20 मैचों में अंपायरिंग की। टॉफेल ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि डीआरएस के आने से अंपायरिंग पहले से आसान या मुश्किल हुई है। नए सिस्‍टम ने अंपायरिंग को बदल दिया है। डीआरएस के आने से पहले आपको अपनी गलतियों से बाद में डील करना पड़ता था। आज के समय में अंपायरों को उसी वक्‍त अपनी गलतियों का सामना करना होता है।”

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साइमन टॉफेल का मानना है कि अगर आपका निर्णय गलत है तो मौजूदा समय में मैदान पर ही 90 सेकेंड या दो मिनट बाद लाखों लोगों के सामने ही अपको आपकी गलती बताई जाती है। आपको सबके बीच में ही अपना निर्णय बदलना होता है। जिसके कारण आप थोड़ा अपमानित या शर्मिंदा महसूस करने लगते हो। इससे उबरकर अगली गेंद पर फोकस कर पाना काफी मुश्किल हो जाता है।

…..बॉल टैंपरिंग विवाद

केपटाउन टेस्‍ट में बॉल टैंपरिंग विवाद सामने आया। टाॅफेल ने इसपर कहा कि ऑस्‍ट्रेलिया की टीम को इस घटना से कुछ सबक सीखते हुए खेल को पहले के मुकाबले और मजबूत बनाने पर काम करना चाहिए।

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मेरे लिए खेल भावना सबसे पहले है। जीत हार चलती रहती है, लेकिन हम क्‍या हैं और कैसे खेलते हैं वही हमें परिभाषित करता है। हम क्रिकेट के रखवाले हैं। आने वाली पीढ़ी के लिए हमें इसे अच्‍छे तरीके से ही रखना होगा। हम नियमों का पालन कर और खेल भावना को बनाए रखकर ही ऐसा कर सकते हैं।