बीसीसीआई  © Getty Images
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासनिक समिति ने शुक्रवार को आयोजित बैठक में ऐतिहासिक फैसला लिया है। सीओए ने नॉर्थ-ईस्ट की छह टीमों के लिए रणजी क्रिकेट के दरवाजे खोल दिए हैं। अगर सभी राज्य संघ लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लेकर राजी हो जाते हैं तो अगले ही रणजी सीजन में नॉर्थ ईस्ट के मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, सिक्किम, नागालैंड और अरुणांचल प्रदेश की टीमें नजर आएंगी। साथ ही ये सभी टीमें एक जोन के रूप में अंडर-16 से लेकर अंडर-23 तक बीसीसीआई की सभी कैटेगरीज में खेल सकेंगी।

हालांकि इन टीमों को ऑल इंडिया अंडर-19 टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए सौरव गांगुली की अध्यक्षता वाली तकनीकि समिति से अनुमति लेनी होगी। चूंकि टूर्नामेंट का शेड्यूल पहले से तय है इसलिए नई टीम के लिए जगह बनाने में कुछ तकनीकि दिक्कते आएंगी। कल दिल्ली में हुई बैठक के बाद नॉर्थ-ईस्ट क्रिकेट के संयोजक नाबा भट्टाचार्या ने मीडिया को बताया, “विनोद राय जी ने हमें बताया है कि चूंकि रणजी सीजन 6 अक्टूबर से शुरू हो रहा है इसलिए ये सीजन खेलना मुश्किल होगा। हालांकि अगले सीजन से सभी छह टीमें रणजी खेलेंगी। इतने सालों के बाद पहली बार हमें पूरी अनुमति मिली है। प्रोफेसर शेट्टी नियमों को लागू करने की सारी प्रक्रिया पर ध्यान देंगे।” [ये भी पढ़ें: सचिन तेंदुलकर की फिल्म देखने के बाद नन्हीं फैन ने लिखा प्यारा खत]

बता दें कि फिलहाल कुछ 28 टीमें रणजी खेलती हैं, अगले सीजन से ये संख्या बढ़कर 34 हो जाएगी। फिलहाल रणजी क्रिकेट में नॉर्थ ईस्ट की ओर से केवल असम और त्रिपुरा की दो टीमें हैं। नॉर्थ ईस्ट से अब तक कोई भी क्रिकेटर भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाया है लेकिन इस फैसले के बाद नॉर्थ ईस्ट क्रिकेट को एक नई दिशा मिलेगी।