श्रीलंका के सीनियर क्रिकेटर इन दिनों अपने क्रिकेट बोर्ड से नाराज चल रहे हैं. श्रीलंका क्रिकेट (SLC) खिलाड़ियों के लिए नया कॉन्ट्रैक्ट लाया है, जिस पर एंजेलो मैथ्यूज (Angelo Mathews) और कुसल परेरा (Kusal Perera) जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने साइन करने से इनकार कर दिया है. खिलाड़ियों के इस व्यवहार के चलते पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (Muthaiya Muralitharan) ने नाराजगी जताई है.

मुरलीधरन (Muthaiya Muralitharan) ने केंद्रीय अनुबंधों के विवाद के लिए राष्ट्रीय टीम के चार सीनियर खिलाड़ियों को फटकार लगाई है. इस विवाद में मैथ्यूज और परेरा समेत करीब 4 सीनियर खिलाड़ी शामिल हैं. ये सभी केंद्रीय अनुबंधों को लेकर श्रीलंका क्रिकेट के साथ विवाद में बने हुए हैं.

इंग्लैंड दौरे से पहले कई श्रीलंकाई क्रिकेटरों ने वेतन विवाद के कारण बोर्ड के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था. उन्होंने हालांकि बाद में दौरे के अनुबंध पर इंग्लैंड के खिलाफ खेलने के लिए हामी भर दी थी.

श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने पारदर्शिता के मुद्दों पर अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, लेकिन मुरलीधरन (Muthaiya Muralitharan) ने कहा कि ऐसा मुख्य रूप से इसलिए हुआ क्योंकि सीनियर क्रिकेटरों को नई प्रदर्शन-आधारित प्रणाली के तहत कम वेतन मिलेगा.

मुरलीधरन (Muthaiya Muralitharan) ने ‘हीरू टीवी’ से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इस साल उन्हें केंद्रीय अनुबंध की आवश्यकता नहीं है. हम दौरा आधारित अनुबंधों को जारी रख सकते है.’ क्रिकेटरों ने 18 जुलाई से शुरू होने वाली भारत सीरीज से पहले दौरे के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं.

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 800 विकेट लेने वाले 49 वर्षीय मुरलीधरन ने कहा कि सीनियर क्रिकेटर अपनी वेतन में कटौती को देखते हुए अन्य युवा खिलाड़ियों को अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से रोक रहे हैं.

मुरलीधरन (Muthaiya Muralitharan) ने कहा कि जब बोर्ड की ओर से अनुबंध पेशकश की गई तो खिलाड़ियों ने इसे नहीं लिया. ऐसे में उन्हें अब केंद्रीय अनुबंध नहीं मिलेगा. इससे देश के टेस्ट क्रिकेटरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा क्योंकि एसएलसी से उन्हें मासिक वेतन नहीं मिलेगा और टीम को नवंबर से पहले कोई टेस्ट मैच नहीं खेलना है.

(इनपुट : भाषा)