स्मृति मंधाना © Getty Images
स्मृति मंधाना © Getty Images

टीम इंडिया की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना का नाम इन दिनों हर क्रिकेट फैन के मुंह पर है। मंधाना महिला विश्व कप 2017 में टीम इंडिया की तरफ से लगातार रन बना रही हैं, उन्होंने अब तक इस टूर्नामेंट में 300 से ज्यादा रन बना लिए हैं। स्मृति को मैदान पर देखकर ऐसा लगता है कि वह क्रिकेट खेलने के लिए ही पैदा हुई थी। वैसे कभी आपने सोचा है कि अगर वह क्रिकेटर ना होती तो, चलिए हम आपको इसका जवाब देते हैं। स्मृति के पिता श्रीनिवास ने इस बात का खुलासा करते हुए कहा कि स्मृति अगर क्रिकेट ना खेलती तो वह जरूर शेफ बनती।

इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “क्रिकेट के अलावा उसे खाना बनाने का काफी शौक है। क्रिकेट बाद सबसे ज्यादा प्यार उसे कुकिंग से ही है। अगर वह क्रिकेट में सफल ना होती तो वह शेफ बनना चाहती थी। वह जब भी घर पर होती है तो हमारे लिए खाना बनाती है।” साथ ही उन्होंने स्मृति की बल्लेबाजी से जुड़ी कहानी के बारे में भी बताया। दरअसल स्मृति अपने करियर की शुरुआत में दाएं हाथ से बल्लेबाजी करती थी लेकिन उनके पिता के कहने पर उन्होंने बाएं हाथ से खेलना शुरू किया। श्रीनिवानस का मानना है कि बाएं हाथ के बल्लेबाज ज्यादा स्टाइलिश होते हैं। [ये भी पढ़ें: रवि शास्त्री को मिलेगा टीम इंडिया के कोच का पद?]

स्मृति के पिता ही उनके कोच थे और आज भी वह उनकी क्रिकेट प्रोग्राम का ध्यान रखते हैं। वहीं उनका मां उनके खाने और फिटनेस का ख्याल रखती हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि स्मृति के भाई शरवन मंधाना भी क्रिकेट खेलते हैं और स्मृति ने उन्हें देखकर ही क्रिकेट खेलना शुरू किया था।