आईसीसी टी20 विश्व कप 2021 (ICC T20 WC 2021) के असफल कैंपेन के साथ टीम इंडिया (Team India) के साथ बतौर कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) का सफर भी खत्म हुआ। पूर्व भारतीय बल्लेबाज शास्त्री को साल 2017 में बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति, जिसके सदस्य पूर्व दिग्गज सौरव गांगुली (Sourav Ganguly), सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) थे, ने नियुक्त किया था।

शास्त्री के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की। कोच शात्री की अगुवाई में ही टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर एक नहीं बल्कि दो ऐतिहास टेस्ट सीरीज दर्ज की थी। साथ ही टीम इंडिया ने टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक पर कब्जा बरकरार रखते हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिफ फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि टीम खिताब जीतने में नाकाम रही।

कार्यकाल खत्म होने के बाद शास्त्री ने खुलासा किया कि टीम इंडिया से जुड़े कुछ ऐसे लोग थे जो नहीं चाहते थे कि उन्हें कोच का पद मिले। टाइम्स ऑफ इंडिा से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं किसी पर उंगली नहीं उठा रहा हूं। मैं ये जरूर कहूंगा कि कोशिश की गई थी कि मुझे ये नौकरी ना मिले। लेकिन यही जिंदगी है।”

शास्त्री ने कहा है कि टीम इंडिया के साथ उनका कार्यकाल बेहद अच्छा रहा है और वो कप्तान विराट कोहली के अलावा शीर्ष भारतीय खिलाड़ियों के साथ काम करने काफी खुश हैं। हालांकि शास्त्री ने ये भी कहा कि बीसीसीआई के अचानक उनका कॉन्ट्रेक्ट खत्म करने का फैसला करना इस पूर्व क्रिकेटर के लिए बड़ा झटका था।

शास्त्री ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, “हां, जिस तरह से (फैसला) किया गया वो बेहद दुखद था। मेरे इतना योगदान करने के बावजूद, बीसीसीआई के एक शब्द के साथ मेर काम खत्म हो गया। ये फैसला सुनाने के कई बेहतर तरीके थे ‘देखिए हम आपको नहीं चाहते, हम आपको पसंद नहीं करते, हम किसी और को चाहते- अगर ऐसा कुछ होता तो। खैर, मैं अब वो करने वापस लौटा हूं जो मैं सबसे अच्छी तरीके से करता हूं- टेलीविजन।”

शास्त्री के कार्यकाल खत्म होने के साथ ही कोहली ने भी टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम की कप्तानी छोड़ दी। वहीं हाल ही में कोहली को वनडे कप्तान के पद से हटाकर रोहित शर्मा को सीमित ओवर फॉर्मेट की कप्तानी सौंप दी गई है।

टीम इंडिया के अंदर हो रही उथल-पुथल पर शास्त्री ने कहा, “नौ महीने बीत चुके हैं और टीम के अंदर क्या परेशानी है इसके बारे में मुझे कुछ नहीं पता। क्या गलत हो सकता है? मुझे बताया गया था कि कोई बड़ी समस्या है और मैंने कहा- नौ महीने में क्या समस्या हो सकता है? जब मैंने उन्हें छोड़ा था तो टीम अच्छे स्पेस में थे। नौ महीने में इतना बड़ा बदलाव कैसे आ सकता है।”

शास्त्री ने ये भी खुलासा किया कि उन्हें दूसरे स्टिंट के दौरान कई लोग उन्हें कोच के पद पर वापस आते नहीं देखना चाहते थे। उन्होंने कहा, “मेरे दूसरे स्टिंट के दौरान, मैं एक बहुत बड़े विवाद के बाद आया। और जो लोग मुझे हटाना चाहते थे उनके चेहरे पर साफ दिख रहा था। उन्होंने किसी और को चुना और फिर नौ महीने बाद वो उसी के पास वापस गए जिसे उन्होंने बाहर किया था।”

पूर्व कोच ने ये भी बताया कि कई लोग ना केवल उन्हें बल्कि गेंदबाजी कोच भरत अरुण को भी टीम इंडिया से बाहर करना चाहते थे। उन्होंने कहा, “वो भरत अरुण को गेंदबाजी कोच के तौर पर नहीं चाहते थे। और देखिए हालात कैसे बदले। जिस इंसान को वो गेंदबाजी कोच नहीं बनाना चाहते थे वो देश का सबसे बेहतरीन गेंदबाजी कोच बना।”