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'आईसीसी हॉल ऑफ फेम' में सौरव गांगुली के अलावा इन दिग्गजों को मिली जगह
आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने तीनों पूर्व कप्तानों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी. आईसीसी प्रमुख ने कहा, मुझे आईसीसी हॉल ऑफ फेम में नए सदस्यों का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है.
Published On Jul 12, 2026, 08:13 AM IST
Last UpdatedJul 12, 2026, 08:13 AM IST
ICC hall of fame
भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के अलावा भारत की दिग्गज महिला क्रिकेटर अंजुम चोपड़ा और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन को आईसीसी ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल किया गया है. ये तीनों ‘क्लास ऑफ 2026’ का हिस्सा हैं, जिससे आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वालों की कुल संख्या 125 हो गई है. एडिनबर्ग में एक समारोह में इसकी घोषणा की गई.
आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने तीनों पूर्व कप्तानों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी. आईसीसी प्रमुख ने कहा, मुझे आईसीसी हॉल ऑफ फेम में नए सदस्यों का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। यह उन असाधारण लोगों के लिए सम्मान है जिनकी उपलब्धियों ने हमारे खेल में बहुत योगदान दिया है। इस साल शामिल होने वाले खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन के उच्चतम मानकों का प्रतिनिधित्व करते हैं, उनमें से हर एक ने दुनिया भर के प्रशंसकों का सम्मान हासिल किया है.
महानतम खिलाड़ियों में शामिल हैं तीनों दिग्गज: जय शाह
उन्होंने कहा, सौरव, अंजुम और केविन, तीनों ने गर्व के साथ अपनी राष्ट्रीय टीमों का नेतृत्व किया है. मैं आईसीसी की ओर से उन्हें इस बेहद योग्य सम्मान के लिए बधाई देना चाहता हूं, आईसीसी हॉल ऑफ फेम में उनकी जगह यह सुनिश्चित करती है कि उनकी उपलब्धियों का जश्न आने वाली पीढ़ियां भी मनाएंगी और वे खेल के महानतम खिलाड़ियों के साथ खड़े होंगे.
सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया में आया बदलाव
भारत के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में से एक, गांगुली ने अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय टीम को एक मजबूत टीम में बदल दिया. शानदार बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन और 311 वनडे मैचों में 11,363 रन बनाए। बतौर कप्तान उन्होंने भारत को 2000 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2003 के फाइनल तक पहुंचाया। उनकी कप्तानी में टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी 2002 का संयुक्त खिताब भी जीता.
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आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं अंजुम चोपड़ा
शानदार इंटरनेशनल करियर के बाद चोपड़ा आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं। बाएं हाथ की स्टाइलिश बल्लेबाज 1,000 वनडे रन बनाने वाली और 100 वनडे मैच खेलने वाली पहली भारतीय महिला थीं। उन्होंने 2002 में साउथ अफ्रीका में भारत को उसकी पहली विदेशी टेस्ट जीत दिलाई और आईसीसी महिला विश्व कप 2005 के फाइनल तक टीम के यादगार सफर में अहम भूमिका निभाई.
यह सम्मान पाने के बाद, हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाली एकमात्र महिला चोपड़ा ने कहा, खेल-कूद वाले परिवार में पली-बढ़ी होने के नाते, मैंने क्रिकेट के दिग्गजों और उनकी बड़ी उपलब्धियों के बारे में कहानियां सुनी थीं, भारत के लिए खेलने का सपना बहुत कम उम्र में ही मन में बस गया था। मेरे माता-पिता, शिक्षकों और कोचों ने मुझे बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित किया; मुश्किल समय में वे हमेशा मेरे साथ खड़े रहे, मुझे प्रशासकों का भी सही समय पर साथ मिला और मैंने गर्व के साथ देश की जर्सी पहनी. यह सम्मान – खेल के दिग्गजों के बीच पहचाना जाना – उन सभी लोगों के लिए एक पुरस्कार है जिन्होंने मेरे करियर को संवारने में मदद की है, मैं उन सभी की शुक्रगुजार हूं.
पीटरसन का भी शानदार रहा क्रिकेट करियर
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान पीटरसन को भी उनके करियर के लिए सम्मानित किया गया. उन्होंने 2005 में इंग्लैंड की यादगार एशेज जीत में अहम भूमिका निभाई, आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2010 जीतने वाली टीम में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे. पीटरसन ने तीनों इंटरनेशनल फॉर्मेट में कुल मिलाकर 13,700 से ज्यादा रन बनाए.
यह किसी भी क्रिकेटर के लिए सबसे बड़ा सम्मान: पीटरसन
पीटरसन ने कहा, आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होना बहुत बड़े सम्मान की बात है, इस तरह पहचाना जाना और खेल के इतने सारे दिग्गजों के साथ अपना नाम देखना वाकई बहुत गर्व और विनम्रता का अनुभव कराता है, यह किसी भी क्रिकेटर के लिए सबसे बड़ा सम्मान है, मुझे पता है कि इसे पूरी तरह से महसूस करने में थोड़ा समय लगेगा. मुझे गर्व है कि मैंने खेल के तीनों फॉर्मेट में खेला है, मैं अपने करियर को बहुत गर्व और संतुष्टि के साथ देखता हूं, मैं इस शानदार सम्मान के लिए आईसीसी का और साथ ही अपने परिवार, टीम के साथियों, कोचों और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिन्होंने मेरे सफर में मेरा साथ दिया, यह सम्मान मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा.