Sourav Ganguly believes player should not too much worry about workload management
Sourav Ganguly (File Photo) © IANS

टीम इंडिया को आईपीएल के 12वें सीजन में हिस्‍सा लेने के तुरंत बाद इंग्‍लैंड में विश्‍व कप खेलना है। ऐसे में वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान सौरव गांगुली का मानना है कि खिलाड़ियों को पेशेवर क्रिकेट को खेलने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहिए। उन्‍हें लगातार क्रिकेट खेलना चाहिए।

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वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर हाल ही में विराट कोहली का भी बयान आया था। उन्‍होंने कहा था कि खिलाड़ी खुद ये तय करें कि उन्‍हें कैसे आईपीएल के दौरान अपना वर्कलोड मैनेज करना हैं। खिलाड़ियों को इतना समार्ट बनना होगा ताकि वो अपनी फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधित्‍व करने के साथ-साथ विश्‍व कप के लिए भी खुद को तरोताजा रख सकें।

सौरव गांगुली ने कहा है कि खेलने या नहीं खेलने का निर्णय खिलाड़ी का अपना है, लेकिन पेशेवर क्रिकेट खेलने का मौका मिलना काफी दुर्लभ होता है। “अगर एक खिलाड़ी लगातार अच्‍छा प्रदर्शन कर रहा है तो हम उसे क्‍यों खेलने से रोकें। ये उनका करियर है। हर खिलाड़ी सभी फॉर्मेट में खेलना चाहता है, जैसा की हम अपने समय में चाहते थे। खिलाड़ी अपने आप अपना रास्‍ता ढूंढ़ लेंगे। जब आप खेल के शीर्ष स्‍तर पर लगातार क्रिकेट खेल रहे होते हो तो एक ऐसा समय भी आता है जब आप चोटिल हो जाते हो और इसकी कोई गारंटी नहीं होती। मेरा मानना है कि जब भी आपको खेलने का मौका मिले आपको जरूर खेलना चाहिए। हमें कभी नहीं कहना चाहिए कि हम नहीं खेलना चाहते।”

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सौरव गांगुली ने कहा, “अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट खेलने के बेहद कम मौके खिलाड़ियों को मिल पाते हैं। ऐसे में जब भी उन्‍हें मौका मिले उसे इसका फायदा उठाना चाहिए। आप कितने ऐसे क्रिकेटर्स को जानते हो जो 15-16 साल तक क्रिकेट खेल पाए हैं। मेरा मानना है कि किसी को भी क्रिकेट खेलते हुए थकान को लेकर ज्‍यादा चिंता नहीं करनी चाहिए। खिलाड़ियों को आराम करने के मौके खुद ढूंढने चाहिए और फ्रेश होकर क्रिकेट खेलना चाहिए। आईपीएल व अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका एक खिलाड़ी के जीवन में बार-बार नहीं आएगा। क्रिकेट नहीं खेलना किसी समस्‍या का हल नहीं है। हमारे समय में आईपीएल नहीं था, फिर भी हम काफी क्रिकेट खेलते थे।”