Sourav Ganguly: CAC recommended Rahul Dravid name as batting consultant, he agreed as well
Rahul Dravid with Sourav Ganguly (File Photo) © Getty Images

भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान सौरव गांगुली ने खुलासा किया है कि राहुल द्रविड़ टीम इंडिया के बल्‍लेबाजी कंसल्‍टेंट बनने के लिए राजी हो गए थे। राहुल ने उन्‍हें बल्‍लेबाजी कंसल्‍टेंट बनने के लिए हामी भर दी थी, लेकिन मौजूदा कोच रवि शास्‍त्री के साथ उनकी न जाने क्‍या बात हुई, जिसके बाद अचानक राहुल ने ये जिम्‍मेदारी लेने से मना कर दिया।

सौरव गांगुली ने कहा, “बीसीसीआई की क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (CAC) में मेरे साथ सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्‍मण मौजूद थे। अनिल कुंबले के पद छोड़ने और रवि शास्‍त्री के पद संभालने के वक्‍त हमने बल्‍लेबाजी और गेंदबाजी कंसल्‍टेंट के लिए बीसीसीआई के पास राहुल द्रविड़ और जाहिर खान का नाम भेजा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बाद में रवि शास्‍त्री को हेड कोच बनाया गया। उनके साथ संजय बांगड़ बल्‍लेबाजी और भरत अरुण को गेंदबाजी कोच बना दिया गया।”

सौरव गांगुली ने कहा, “राहुल द्रविड़ से बल्लेबाजी सलाहकार बनने को कहा गया था उन्होंने इसपर हामी भी भर दी थी। इसके बाद उन्होंने रवि से बात की और उसके बाद क्या हुआ मुझे नहीं पता। कोच के चयन पर भी काफी कनफ्यूजन पैदा हो गया था और हम बड़ी मुश्किल से इससे बाहर निकले। इसलिए मेरे लिए यह कहना बेहद मुश्किल है कि राहुल द्रविड़ को बल्लेबाजी सलाहकार क्यों नहीं बनाया गया। लेकिन विराट से सलाह करने के बाद रवि शास्त्री को अगर यह जिम्मेदारी दी गई है तो फिर उनको इसे निभाना पड़ेगा और टीम की स्थिति को सुधारना चाहिए।”

सौरव गांगुली ने माना, “सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्‍त किए गए सीओए ने भी कंफ्यूजन को और बढ़ा दिया। उस वक्‍त विनोद राय ने पद संभाला ही था। विनोद राय का कहना था कि उन्‍हें राहुल और जाहिर की नियुक्ति के बारे में जानकारी नहीं थी। सीएसी का काम हैड कोच को चुनना था।”

सौरव ने कहा, “अनिल कुंबले का मुख्‍य कोच के पद पर महज एक साल का कांट्रेट था। उनके कांट्रेक्‍ट में नहीं लिखा था कि इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। जब विनोद राय पद पर आए तो हमें पता चला कि अनिल कुंबले का कांट्रेक्‍ट खत्‍म हो चुका है। नियम के मुताबिक हैड कोच का चुनाव मेरे, लक्ष्‍मण और सचिन की एडवाइजरी कमेटी के पास था। इस नियम का पालन किया जाना चाहिए था। विनोद राय के पास अधिकार थे। उन्‍होंने वही किया जो उन्‍हें ठीक लगा।”