भारतीय टीम के ऑलराउडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) आगामी रणजी ट्रॉफी 2019-20  के फाइनल (Ranji Trophy Final) में सौराष्‍ट्र की टीम की तरफ से खेलना चाहते हैं. इसी दौरान साउथ अफीका के खिलाफ (India vs South Africa) तीन मैचों की वनडे सीरीज भी शुरू हो जाएगी. बीसीसीआई अध्‍यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने यह साफ कर दिया है कि जडेजा को रणजी फाइनल खेलने की इजाजत नहीं दी जाएगी. रणजी मैच से ज्‍यादा जरूरी देश के लिए खेलना है.

रणजी ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला नौ मार्च से सौराष्‍ट्र और बंगाल के बीच ईडन गार्ड्न्‍स में खेला जाना है. इस खिताबी मुकाबले में चेतेश्‍वर पुजारा सौराष्‍ट्र और रिद्धिमान साहा बंगाल की टीम से खेलते नजर आएंगे. वहीं, भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहला वनडे मुकाबला 12 मार्च को खेला जाना है.

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सौराष्‍ट्र क्रिकेट संघ के अध्‍यक्ष जयदेव शाह ने सौरव गांगुली से संपर्क कर उन्‍हें रवींद्र जडेजा को रणजी ट्रॉफी फाइनल मैच खेलने की इजाजत देने की दरख्‍वास्‍त की थी. शाह ने बताया कि गांगुली ने उनकी दरख्‍वास्‍त को ठुकराते हुए कहा, “बोर्ड किसी भी खिलाड़ी को देश के लिए खेलने को ताक पर रखते हुए रणजी खेलने की इजाजत नहीं दे सकता है. देश के लिए खेलना सबसे ऊपर है.”

शाह ने इसका विरोध करते हुए कहा, “अगर बीसीसीआई चाहती है कि रणजी ट्रॉफी जैसे प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट को और आकर्षक बनाना है तो मेरी सलाह है कि अब से इस टूर्नामेंट के दौरान कोई अंतरराष्‍ट्रीय मुकाबला नहीं खेला जाना चाहिए. क्‍या बीसीसीआई आईपीएल के दौरान भी अंतरराष्‍ट्रीय मैचों का आयोजन बंद करेगा ? वो ऐसा नहीं करेगा क्‍योंकि इससे काफी कमाई होती है.”

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“रणजी ट्रॉफी को प्रचारित तभी किया जा सकता है जब स्‍टार खिलाड़ी इसमें हिस्‍सा लेंगे. कम से कम फाइनल मैचों में उन्‍हें खेलने की इजाजत दी जानी चाहिए. रणजी फाइनल के दौरान तो कम से कम कोई अंतरराष्‍ट्रीय मैच नहीं रखना चाहिए.”

माना जा रहा है कि सौरव गांगुली के इस कड़े रुख के बाद मोहम्‍मद शमी की बंगाल के लिए खेलने की अर्जी को भी ठुकरा दिया जाएगा.