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पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि इंग्लैंड के लिए चुनौती आसान नहीं होगी © AFP

जैसे ही खबर आई की तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन फिट हैं और आगामी मैचों में इंग्लैंड टीम का हिस्सा हो सकता हैं वैसे ही मेहमान टीम के चेहरे पर खुशियां छा गईं। लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली एंडरसन पर कुछ और ही कहते सुने गए। सौरव गांगुली ने कहा कि 34 साल के तेज गेंदबाज एंडरसन जिसने अगस्त से गेंदबाजी नहीं की है और कंधे में चोट के कारण क्रिकेट से दूर हैं उन्हें मैं टीम में जगह नहीं देता। अगर एंडरसन अपनी फिटनेस साबित करते तभी मैं उन्हें टीम में खिलाता।

सौरव गांगुली ने कहा ‘मैं ईमानदारी से कहूं तो मैं एंडरसन को टीम में जगह नहीं देता, यह 2012 वाला एंडरसन नहीं है जिसने भारत को सीरीज में 2-1 से हराने में अहम भूमिका निभाई थी। एंडरसन ने हाल ही में अपनी गेंदबाजी में गति खोई है और वह धीमे पड़ गए हैं। जैसा की गेंद रिवर्स स्विंग होगी तो स्टुअर्ट ब्रॉड, स्टीवेन फिन और बेन स्टोक्स को टीम में चुना जाना चाहिए। ऐसे में मुझे नहीं पता कि एंडरसन टीम में जगह कैसे बना पाएंगे। मैं एंडरसन को दूसरे टेस्ट में खेलते भी नहीं देखता और अगर मैं इंग्लैंड का कप्तान होता तो मैं दो तेज गेंदबाजों के साथ जाता जो ब्रॉड और स्टॉक्स होते। साथ ही मैं टीम में तीन स्पिन गेंदबाजों को शामिल करता जो मोइन अली, गैरेथ बैटी और एक और होता।’  ये भी पढ़ें: इन चार कारणों से हार सकती है टीम इंडिया

मोइन अली, बेन स्टोक्स और वोक्स बल्लेबाजी में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं इसलिए इस टीम के साथ बल्लेबाजी में भी गहराई होती। सौरव गांगुली ने आगे कहा कि इंग्लैंड के लिए भारत में चुनौती बिल्कुल भी आसान नहीं रहने वाली और इंग्लैंड को संघर्ष करना होगा। अगर इंग्लैंड को भारत में फिर से जीतना है तो उन्हें कुछ खास करने की जरूरत होगी। भारत मौजूदा आईसीसी रैंकिंग में पहले स्थान पर है वहीं इंग्लैंड की टीम चौथे स्थान पर है। सीरीज में डीआरएस का इस्तेमाल भी किया जाएगा. भारत में पांच साल बाद किसी भी टेस्ट के लिए डीआरएस का इस्तेमाल होगा।