भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की कप्‍तानी में भारतीय टीम 2003 विश्‍व कप के फाइनल तक पहुंची, लेकिन जीत नहीं पाई. दादा इसपर प्रतिक्रिया देते हुए पहले ही कह चुके हैं कि उस समय अगर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) डेब्‍यू कर चुका होता तो हम जरूर 2003 में ही विश्‍व कप जीत चुके होते. अब कोलकाता नाइट राइडर्स  (KKR) के पूर्व निदेशक जॉय भट्टाचार्य ने कहा है कि धोनी अपने पहले ही दौरे पर गांगुली की नजरों में आ गए थे.

गौरव कपूर के पोडकास्ट 22 यार्नस पर भट्टाचार्य ने कहा, “मुझे याद है कि मैं 2004 में बांग्लादेश (India vs Bangladesh) की फ्लाइट में था और गांगुली मुझसे कह रहे थे कि हमारे पास एक नया चाबुक बल्लेबाज आया है. आपको उसे देखना चाहिए. धोनी बड़ा स्टार बनेगा.”

2004 का बांग्लादेश का दौरा धोनी का भारतीय टीम के साथ पहला दौरा था. इस दौरे पर वह हालांकि प्रभावित नहीं कर सके थे और पहले ही मैच में शून्य पर रनआउट हो गए थे. इसके बाद उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई सीरीज के लिए दोबारा टीम में चुना गया था. इस सीरीज में गांगुली ने अपनी जगह नंबर-3 पर धोनी को भेजा था और धोनी ने विशाखापट्टनम में खेले गए वनडे में 123 गेंदों पर 148 रनों की पारी खेल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सुर्खियां बटोरी थीं.”

भट्टचार्या ने कहा, “एक चीज में मुझे लगता है कि वह शानदार थे, वह आपको देखेंगे और उन्हें पता चल जाएगा कि आपमें प्रतिभा नहीं है. अगर आप में प्रतिभा है तो वो आपका समर्थन करेंगे.”

“उनके लिए यह मतलब नहीं है कि आपने रन नहीं बनाए तो आप फेल हैं, यह उनके लिए मायने नहीं रखता क्योंकि वो जानते हैं कि आपमें क्षमता है और जब दिन आपका होगा तो आप रन बनाएंगे.”