सौरव गांगुली ने भारतीय टीम का कप्‍तान रहते हुए टीम को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया. अब वो बीसीसीआई के अध्‍यक्ष के रूप में भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ा रहे हैं. सौरव गांगुली से पूछा गया कि इन दोनों भूमिकाओं में से किस रोल में उन्‍होंने खुद को ज्‍यादा दबाव में पाया.

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गांगुली ने इस सवाल के जवाब में कहा, “दबाव के हालात में बल्लेबाजी करने से क्रिकेट प्रशासन की जिम्मेदारी संभालना कहीं अधिक आसान है.”

सौरव गांगुली ने कहा, “दबाव में खेलना अधिक कठिन था क्योंकि बल्लेबाजी में एक ही मौका मिलता है . यहां बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर मैं गलती भी करूंगा तो उसे सुधार कर सकता हूं . बल्लेबाजी में तो अगर ग्लेन मैकग्रा को ऑफ स्टम्प के बाहर खेल दिया तो फिर ….. .’’

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बतौर बीसीसीआई अध्‍यक्ष सौरव गांगुली ने भारतीय टीम के पहले डे-नाइट टेस्‍ट मैच का कोलकाता के ईडन गार्डन पर सफल आयोजन कराया. गांगुली अब वनडे क्रिकेट में चार मैचों की वनडे सीरीज कराना चाहते हैं. आखिरी बार साल 1999 में भारतीय टीम ने चार मैचों की वनडे सीरीज खेली थी.